अमेरिका ने फिर किया ईरान पर हमला; जॉर्डन में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत, एक लापता
क्या है खबर?
अमेरिका ने आज रात फिर ईरान पर हमले किए हैं। ये लगातार 8वां दिन है, जब अमेरिका ने ईरान को निशाना बनाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई जॉर्डन में ईरानी हमले में मारे गए 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत के जवाब में की गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि हमलों का मुख्य निशाना ईरान के सैन्य ठिकाने, हथियारों के भंडार और लॉजिस्टिक्स सेंटर रहे।
अमेरिकी हमले
ट्रंप बोले- मैंने खुद दिया हमलों का आदेश
CENTCOM ने कहा, 'आज कमांडर-इन-चीफ के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू किए। इन हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को और कम करना है, और साथ ही उन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) बलों को तुरंत सजा देना है, जिन्होंने कल रात जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमले किए थे।'
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने खुद इन हमलों को मंजूरी दी थी।
हमले
ईरान में कहां-कहां हुए हमले?
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य पर स्थित सिरिक के पास एक इलाके को निशाना बनाया गया।
इसी प्रांत में हाजीआबाद के पास एक स्थान को भी निशाना बनाया गया और बंदर अब्बास में धमाके हुए।
IRIB के अनुसार, जलडमरूमध्य के अंदर केशम द्वीप के पास के एक क्षेत्र को भी निशाना बनाया गया।
इराक में इरबिल के पास कुर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी के एक अड्डे पर हमला हुआ, जिसमें 8 लोग घायल हो गए।
जॉर्डन
जॉर्डन में मारे गए 2 अमेरिकी सैनिक, 4 घायल
CENTCOM ने बताया कि शुक्रवार को जॉर्डन में 2 अमेरिकी सैनिक ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचाव करते हुए मारे गए और एक अन्य सैनिक अभी भी लापता है।
इन सैनिकों की पहचान सामने नहीं आई है।
वहीं, 4 अमेरिकी सैन्य घायल हुए, जिन्हें बाद में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अमेरिका ने अब तक पुष्टि की है कि 28 फरवरी से अब तक उसके 16 सैन्यकर्मी मारे गए हैं।
चेतावनी
मोजतबा खामेनेई बोले- याद रखने वाला सबक सिखाएंगे
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा कि उनके देश पर जारी हमलों ने एक बार फिर सभी को अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की निरर्थकता का प्रदर्शन किया है।
उन्होंने कहा, "अब जबकि अमेरिकी दुश्मन संघर्ष को और बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जिससे उसे और भी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और और भी अधिक अपमान सहना पड़ेगा। उसे यह पता होना चाहिए कि ईरान के महान राष्ट्र और प्रतिरोध मोर्चे के पास उसके लिए अविस्मरणीय सबक हैं।"
कुवैत
ईरान ने कुवैत में 2 ठिकानों पर हमले किए
ईरान की सेना ने कहा कि उसने ईरानी क्षेत्र पर अमेरिकी हमलों के जवाब में कुवैत में स्थित 2 अमेरिकी ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाया है।
एक बयान के अनुसार, ईरान की सेना ने कहा कि उसने कुवैत में कैंप उदैरी स्थित अमेरिकी सेना के गोला-बारूद डिपो और अली अल सलेम हवाई अड्डे पर स्थित पैट्रियट रडार प्रणाली और हवाई निगरानी रडार के खिलाफ आत्मघाती ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमले किए।