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असीम मुनीर के ईरान से संबंधों को लेकर अमेरिका में संशय, रिपोर्ट में 'खतरा' बताया गया
एक अमेरिकी रिपोर्ट में असीम मुनीर की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं

असीम मुनीर के ईरान से संबंधों को लेकर अमेरिका में संशय, रिपोर्ट में 'खतरा' बताया गया

लेखन आबिद खान
Apr 19, 2026
11:37 am

क्या है खबर?

अमेरिका और ईरान में चल रहे तनाव के बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की भूमिका चर्चा में है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी उनकी तारीफ कर चुके हैं। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा प्रतिष्ठान के कुछ वर्गों के भीतर असीम के ईरान के सैन्य नेतृत्व के साथ संबंधों को लेकर चिंताएं हैं। खासतौर पर ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के साथ असीम के संबंधों को लेकर।

रिपोर्ट

रिपोर्ट में दावा- असीम के IRGC से करीबी संबंध

फॉक्स न्यूज डिजिटल के अनुसार, असीम के ईरान के साथ पुराने संबंध रहे हैं। जब वे 2016 और 2017 में सैन्य खुफिया निदेशक थे, तभी से उन्होंने ईरान के भीतर अपने संपर्क बढ़ाना शुरू कर दिए थे। रिपोर्ट में सेवानिवृत्त पाकिस्तानी जनरल अहमद सईद के हवाले से कहा गया है कि असीम ईरान की सैन्य और खुफिया लीडरशिप के साथ लगातार संपर्क में रहे। उनके संबंध IRGC के पूर्व कमांडरों कासिम सुलेमानी और हुसैन सलामी तक बताए गए हैं।

बयान

विशेषज्ञों का मानना- अमेरिका को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करना चाहिए

फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज के सीनियर फेलो बिल रोगियो ने कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करना चाहिए।उन्होंने मुनीर के IRGC से रिश्तों को 'रेड फ्लैग' बताया। उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिका-ईरान संबंधों में संभावित मध्यस्थ के रूप में इस्लामाबाद की भूमिका अमेरिकी रणनीतिक हितों के अनुरूप होने की गारंटी नहीं देती है, बल्कि इससे पहले से ही अस्थिर क्षेत्र में जटिलता की और परतें जुड़ सकती हैं।

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अफगानिस्तान

पाकिस्तान की भूमिका विरोधाभासी- विशेषज्ञ

रोगियो का कहना है कि अफगानिस्तान युद्ध के दौरान पाकिस्तान एक दगाबाज सहयोगी साबित हुआ था और तालिबान की मदद कर रहा था। अब मुनीर की ईरान के साथ नजदीकियां उसी पैटर्न की याद दिलाती हैं। उन्होंने तर्क दिया कि एक सुरक्षा भागीदार के रूप में पाकिस्तान की विश्वसनीयता असंगत और विरोधाभासी रही है। वहीं, पाकिस्तानी विश्लेषक रजा रूमी का तर्क है कि मुनीर जैसे प्रभावशाली सैन्य शख्सियत का उदय पाकिस्तान में सेना के प्रभाव को भी दिखाता है।

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भूमिका

हालिया युद्ध में कैसे बढ़ी असीम की भूमिका

ईरान-अमेरिका के बीच में पहली शांति वार्ता इस्लामाबाद में हुई थी। तब दोनों प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत असीम ने किया था। हाल ही में असीम 3 दिन के ईरान दौरे पर थे। वहां उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और संसद के अध्यक्ष के साथ-साथ ईरान के केंद्रीय कमान के प्रमुख से भी मुलाकात की थी। असीम की ट्रंप से नजदीकी भी जगजाहिर है। ट्रंप सार्वजनिक तौर पर उन्हें 'शानदार इंसान' और 'पसंदीदा फील्ड मार्शल' बता चुके हैं।

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