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अमेरिका ने दवाओं पर लगाया 100 प्रतिशत टैरिफ, स्टील-एल्यूमिनियम आयात के नियम भी सख्त किए
ट्रंप प्रशासन ने ब्रांडेड दवाओ पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है (फाइल तस्वीर)

अमेरिका ने दवाओं पर लगाया 100 प्रतिशत टैरिफ, स्टील-एल्यूमिनियम आयात के नियम भी सख्त किए

लेखन आबिद खान
Apr 03, 2026
10:24 am

क्या है खबर?

ईरान युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और विवादित कदम उठाया है। उन्होंने अमेरिका में आयातित ब्रांडेड दवाओं पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। साथ ही उन्होंने स्टील और एल्यूमिनियम जैसी धातुओं के आयात से जुड़े नियम भी सख्त कर दिए हैं। ट्रंप ने इन दोनों फैसलों से जुड़े कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। भारत समेत कई देशों पर इनका असर होगा।

दवा

ब्रांडेड दवाओं पर लगेगा 100 प्रतिशत टैरिफ

नए आदेश के तहत, 31 जुलाई, 2026 से अमेरिका में आयात होने वाली पेटेंटेड ब्रांडेड दवाओं पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जाएगा। ये टैरिफ उन दवाओं पर लगेगा, जो अमेरिका में नहीं बनती हैं और इन्हें बनाने वाली कंपनियों का अमेरिका के साथ कोई समझौता नहीं है। इसका उद्देश्य अमेरिका में दवाओं की आसमान छूती कीमतों को कम करना और देश के भीतर ही दवा उत्पादन को बढ़ावा देना है।

छूट

खास शर्तें मानने पर कंपनियों को मिलेगी छूट

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि टैरिफ से बचने के लिए कंपनियों को दवाओं का उत्पादन अमेरिका में करना होगा या सरकार के साथ खास समझौता करना होगा। जो कंपनियां टैरिफ से बचना चाहती हैं, उन्हें 120 दिनों के भीतर अपनी कार्ययोजना पेश करनी होगी। वहीं, छोटी और मध्यम स्तर की कंपनियों के लिए ये समयसीमा 180 दिन है। अगर कोई कंपनी अमेरिका में प्लांट लगाने का वादा करती है, तो उस पर फिलहाल 20 प्रतिशत टैरिफ लगेगा।

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धातु

धातुओं के आयात को लेकर क्या बदला?

ट्रंप प्रशासन ने आयातित स्टील, एल्यूमीनियम और तांबे पर 50 प्रतिशत टैरिफ से जुड़े नियम बदले हैं। अब इन धातुओं और उनके मिश्रित उत्पादों के लिए टैरिफ पूरी कीमत पर लागू होगा। जिन उत्पादों में 15 प्रतिशत से कम धातु है, उनके लिए देश-विशेष टैरिफ लागू होंगे। जिन उत्पादों में धातु 15 प्रतिशत से ज्यादा है, उन पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। पूरी तरह से स्टील, एल्यूमीनियम और तांबे से बने उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ जारी रहेगा।

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भारत

भारत पर क्या होगा असर?

इन दोनों कदमों का भारत पर असर पड़ना तय है। भारतीय फार्मा कंपनियों की पेटेंटेड दवाएं टैरिफ के दायरे में आएंगी। हालांकि, जेनेरिक दवाओं को छूट मिली है, जो थोड़ी राहत की बात है। वहीं, धातुओं से जुड़े फैसले से स्टील और एल्यूमिनियम की सप्लाई यूरोप और एशिया जैसे बाजारों की ओर शिफ्ट हो सकती है। इससे टाटा स्टील का यूरोप एक्सपोजर संवेदनशील हो जाता है। अन्य स्टील कंपनियों पर भी असर पड़ेगा।

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