TMC नेताओं पर हमले के खिलाफ ममता बनर्जी करेंगी प्रदर्शन, बैठक से 60 विधायक गायब
क्या है खबर?
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी फिर सड़क पर उतरने की तैयारी कर रही हैं। TMC नेताओं पर हमलों और चुनाव के बाद हुई हिंसा के विरोध में वे कल यानी 2 जून को ऐतिहासिक राजनीतिक केंद्र रानी राशमोनी रोड पर धरना प्रदर्शन करने जा रही हैं। बता दें कि हाल ही में ममता के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हमला हुआ था।
हमले
TMC के 2 सांसदों पर हुए हमले
30 मई को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ था। TMC ने बताया कि उन पर ईंटें, पत्थर और अंडे फेंके गए, जिससे उनकी आंख के पास चोट आई। घटना में उनका शर्ट भी फट गया था। वहीं, बीते दिन यानी 31 मई को एक और TMC सांसद कल्याण बनर्जी पर हुगली के चंदिताला पुलिस स्टेशन के पास हमला हुआ था। इस दौरान कल्याण सड़क पर गिर गए और उनके सिर में चोट आई।
बैठक
प्रदर्शन की रणनीति के लिए ममता ने बुलाई बैठक, 60 विधायक गायब
चुनाव हारने के बाद ममता के लिए अब TMC के कुनबे को संभालना नई चुनौती बनकर उभर रहा है। 2 जून को होने वाले प्रदर्शन की तैयारियों के लिए ममता ने 31 मई को कालीघाट स्थित अपने आवास पर विधायकों की बैठक बुलाई थी। हालांकि, इस बैठक में पार्टी के 80 विधायकों में से केवल 20 ही पहुंचे और 60 गायब रहे। हालांकि, पार्टी ने कहा कि विधायक तैयारियों में लगे थे, इसलिए बैठक में शामिल नहीं हुए।
बयान
विधायकों की अनुपस्थिति पर TMC ने क्या कहा?
TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, "अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हुए हमले के बाद जमीनी स्तर पर हुए घटनाक्रम के कारण कई विधायक बैठक में शामिल नहीं हो सके। बैठक पहले से तय थी, लेकिन पार्टी नेताओं पर हुए हमलों के चलते विधायकों ने अलग-अलग इलाकों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। इसके बाद TMC कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई और विधायक स्थिति को संभालने और गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की मदद करने में व्यस्त थे।"
रणनीति
प्रदर्शन को लेकर क्या है TMC की रणनीति?
घोष ने कहा कि नेता आज ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक स्तर और शहरी क्षेत्रों में नगर निगम वार्डों में रैलियां निकालेंगे। उन्होंने आगे बताया कि मंगलवार को रानी रश्मोनी रोड विरोध स्थल पर एक दिवसीय प्रतीकात्मक धरना देगी। ममता बनर्जी के नेतृत्व में होने वाला यह विरोध प्रदर्शन चुनाव के बाद जारी हिंसा और राज्य भर में बुलडोजरों के इस्तेमाल से फेरीवालों को हटाए जाने के खिलाफ होगा। उन्होंने कहा कि आगे की रणनीति 2 जून को बताई जाएगी।