भारत के लिए अच्छी खबर! अमेरिका ने रूसी तेल पर प्रतिबंधों में छूट बढ़ाई
क्या है खबर?
ईरान युद्ध के चलते कच्चे तेल को लेकर उपजी अनिश्चितता के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर है। अमेरिका ने रूसी तेल खरीद पर लगे प्रतिबंधों में छूट को एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। अमेरिका ने कहा कि वह एक नया 30 दिवसीय सामान्य लाइसेंस जारी करेगा, जिससे भारत सहित अन्य देशों को अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना किए बिना रूस से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति मिलेगी।
रिपोर्ट
17 अप्रैल से 16 मई तक मिली छूट
अमेरिकी वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, रूस से ऊर्जा खरीद की अनुमति देने वाले पुराने लाइसेंस की जगह एक नया सामान्य लाइसेंस जारी किया जाएगा। शर्तों के तहत, 17 अप्रैल को या उससे पहले जहाजों पर लादे गए रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद की अनुमति रहेगी, जो 16 मई तक जारी रहेगी। अमेरिका ने कहा कि इसका उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करना है।
बयान
अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा था- नहीं बढ़ाएंगे छूट
हाल ही में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि रूस और ईरान से तेल खरीदने के लिए दी गई छूट को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा था, "हम रूसी तेल पर दी गई आम छूट को और आगे नहीं बढ़ाएंगे। 11 मार्च से पहले तक समुद्र में फंसा रूस का सारा तेल इस्तेमाल हो चुका है।" बेसेंट ने चेतावनी दी थी कि जो देश रूसी या ईरानी तेल खरीदेंगे, उन पर 'सेकेंडरी प्रतिबंध' लगाए जाएंगे।
भारत
भारत को कितना फायदा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय रिफाइनरियों ने छूट की अवधि के दौरान करीब 3 करोड़ बैरल रूसी तेल के ऑर्डर दिए। छूट के दौरान 7 साल बाद पहली बार ईरानी कच्चे तेल के जहाज भारत पहुंचे। यूरोपीय थिंक टैंक सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर ने एक रिपोर्ट में कहा कि मार्च 2026 में भारत रूसी ईंधन का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार था। होर्मुज के अवरुद्ध होने से भारत के लिए ये राहत भरा कदम है।
मुद्दा
भारत ने उठाया था मुद्दा
रिपोर्ट में कहा गया है कि छूट को बढ़ाने का मुद्दा भारत के विदेश सचिव की हालिया अमेरिका यात्रा के दौरान चर्चा में आया था। भारत ने अमेरिका के साथ इस मुद्दे पर बात की थी, क्योंकि पश्चिम एशिया में युद्ध के बाद सप्लाई चेन में बाधाएं आ गई थीं। हाल ही में दिल्ली में रूस के भारत स्थित राजदूत डेनिस अलीपोव ने आश्वासन दिया था कि रूस भारत को ऊर्जा निर्यात बढ़ाएगा, जिसमें तेल, LPG और LNG शामिल हैं।