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ट्रंप के दामाद पर सऊदी-UAE से करोड़ों की घूस लेने के आरोप, फोन ने खोले राज
डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर नए विवादों में घिर गए हैं

ट्रंप के दामाद पर सऊदी-UAE से करोड़ों की घूस लेने के आरोप, फोन ने खोले राज

लेखन आबिद खान
Oct 23, 2026
12:31 pm

क्या है खबर?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिर नए विवादों में घिर गए हैं। इस बार विवाद की वजह वे खुद नहीं, बल्कि उनके दामाद जेरेड कुशनर है। कुशनर पर आरोप लगा है कि उन्होंने ट्रंप के पहले कार्यकाल में व्हाइट हाउस में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में काम करते हुए खाड़ी देशों से अरबों डॉलर की घूस ली थी। साथ ही वे अजरबैजान से दुबई के एक बैंक खाते में लाखों डॉलर के ट्रांसफर की देखरेख भी कर रहे थे।

रिपोर्ट

रूसी एजेंसी ने हैक किया था कुशनर का फोन

वैनिटी फेयर ने 'प्रिंसिस एंड थीव्स: जेरेड कुशनर एंड मोहम्मद बिन जायद्स सीक्रेट प्लॉट टू रीमेक द मिडिल ईस्ट' नामक किताब के हवाले से ये जानकारी दी है। ये किताब जल्द प्रकाशित होने वाली है, जिसके लेखक मैथ्यू कोल हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी खुफिया एजेंसी ने कुशनर का फोन हैक कर लिया था। इसके बाद डच खुफिया एजेंसी ने एक रूसी जासूस को फंसाया और कुशनर के फोन तक पहुंच हासिल कर ली।

खाते

UAE के खाते में ट्रांसफर किए गए 7,000 करोड़ रुपये 

रिपोर्ट के मुताबिक, कुशनर 'फर्स्ट दुबई बैंक' के एक खाते के जरिए लाखों डॉलर का लेन-देन कर रहे थे। इस बैंक में UAE सरकार द्वारा वित्त पोषित चैरिटी संस्था वतानी अल एमिरात फाउंडेशन का खाता भी था।

इसमें करीब 7,000 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए गए, जिसकी देखरेख बैंक के अध्यक्ष और UAE के शासक मोहम्मद बिन जायद के भाई तहनून बिन जायद कर रहे थे।

कुशनर इस खाते के हस्ताक्षरकर्ताओं में से एक थे और उनकी खाते तक पहुंच थी।

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अजरबैजान

अजरबैजान से आया था पैसा

किताब के अनुसार, ये राशि अजरबैजान के एक बैंक द्वारा भेजी गई थी। अजरबैजान के बैंक बिना किसी सार्वजनिक घोषणा के सऊदी रियाल या UAE के दिरहम के बदले अमेरिकी डॉलर देने के लिए जाने जाते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि बिन जायद और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए एक गुप्त निधि के रूप में इस खाते की कल्पना की थी।

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कुशनर का पक्ष

कुशनर ने आरोपों को खारिज किया

कुशनर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें 'बेहद आपत्तिजनक' और 'पूरी तरह से झूठा' बताया है।

उन्होंने कहा, 'ये मनगढ़ंत और घिनौनी बातें हैं जिन्हें खोजी पत्रकारिता के रूप में पेश किया जा रहा है। यह पत्रकारिता नहीं है। यह कल्पना, मिथक और पक्षपात का मिश्रण है, जिसे किसी ऐसे व्यक्ति ने लिखा है जो या तो बहुत विक्षिप्त है या फिर किसी बुरे इरादे से काम कर रहा है।'

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