सोमालिया की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति का कार्यकाल विस्तार अवैध बताया, 90 दिन में होंगे चुनाव
सोमालिया की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति हसन शेख मोहम्मद के कार्यकाल बढ़ाने के फैसले को अवैध ठहराया है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि राष्ट्रपति को चीफ जस्टिस बशे यूसुफ अहमद को पद से हटाने का अधिकार नहीं था।
कोर्ट के फैसले के बाद अब नए सिरे से चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। कोर्ट ने देश के नेताओं को 30 दिनों के अंदर चुनाव योजना पर सहमत होने और 90 दिनों के भीतर चुनाव करवाने का आदेश दिया है।
इससे अगले साल देश भर में चुनाव कराने की सरकारी योजनाओं में रुकावट आ सकती है।
विपक्ष ने महमूद पर सत्ता हथियाने का आरोप लगाया
विपक्षी नेताओं का कहना है कि मोहम्मद संविधान बदलकर सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं। वहीं, मोहम्मद का दावा है कि उनका मकसद सोमालिया को सही लोकतांत्रिक चुनावों के करीब लाना था।
पूर्व प्रधानमंत्री हसन अली खैरे ने इन कदमों को न्यायपालिका की आज़ादी के लिए खतरा बताया है। इस बीच, मोहम्मद इस महीने के आखिर में राष्ट्रीय बातचीत करना चाहते हैं।
मोहम्मद का 4 साल का कार्यकाल मई में खत्म हो गया था, लेकिन उनके प्रशासन ने मार्च में संसद से मंज़ूर कानून में बदलाव करके इसे एक साल के लिए बढ़ा दिया।
बता दें कि सोमालिया में आखिरी बार 1969 में पूरे देश में सीधे चुनाव हुए थे और वहां 30 साल से अधिक समय से सिविल वॉर चल रहा है, जिसमें इस्लामिक मिलिटेंट ग्रुप अल-शबाब का कई ग्रामीण इलाकों पर कंट्रोल है।