JSSC-CGL के उम्मीदवारों को मिली राहत, झारखंड हाई कोर्ट ने परीक्षा निरस्तीकरण का आदेश रद्द किया
क्या है खबर?
झारखंड हाई कोर्ट ने शुक्रवार को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) संयुक्त स्नातक स्तर (CGL) परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को पलट दिया है। न्यायमूर्ति दीपक रौशन की कोर्ट ने नियुक्तियों के लिए भर्ती विज्ञापन रद्द करने के फैसले को भी रद्द कर दिया। फैसले से उन 1,900 अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जिन्होंने परीक्षा पास कर ली थी। कोर्ट ने कहा कि अधूरी जांच के आधार में पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करना सही नहीं है।
याचिका
कोर्ट ने क्या कहा?
जागरण वेबसाइट के मुताबिक, कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि राज्य सरकार ने ऐसे कोई ठोस सबूत नहीं दिए, जिससे पता चला कि पूरी चयन प्रक्रिया गड़बड़ थी।
कोर्ट ने कहा कि केवल कुछ अभ्यर्थियों के खिलाफ जांच लंबित होने से पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को खारिज नहीं किया जा सकता है।
कोर्ट ने कहा कि यह जांच के बाद तय होगा कि परीक्षा गड़बड़ी में शामिल अभ्यर्थियों की पहचान और निर्दोष अभ्यर्थियों की पहचान हो सकती है या नहीं।
सुनवाई
पहले भी लगाई है रोक
झारखंड की सरकार ने 18 अगस्त को छात्रों को भारी आंदोलन के बाद 11वीं से 13वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षाओं समेत 22 भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया था।
इसके बाद, पीड़ित अभ्यर्थी कोर्ट चले गए, जिसके बाद झारखंड हाई कोर्ट ने इससे पहले 20 अगस्त को राज्य सरकार के नियुक्ति रद्द करने के फैसले को रद्द कर दिया।
झारखंड सरकार ने परीक्षा में गड़बड़ी की जांच के लिए समिति गठित की है।