
थाईलैंड की कोर्ट ने प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा को बर्खास्त किया, जानिए पूरा मामला
क्या है खबर?
थाईलैंड की संवैधानिक कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लेते हुए कंबोडियाई नेता के साथ फोन बातचीत लीक मामले में प्रधानमंत्री पैंतोंगटार्न शिनावात्रा को बर्खास्त कर दिया है। कोर्ट ने शिनावात्रा को नैतिक मानकों के उल्लंघन का दोषी पाया है। कोर्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री के पास संविधान के तहत योग्यता का अभाव है। नौ न्यायाधीशों वाली कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया जाता है। कोर्ट के फैसले के बाद थाईलैंड में राजनीतिक अस्थिरता दिख रही है।
प्रधानमंत्री
अब कौन बनेगा प्रधानमंत्री?
कोर्ट के फैसले के बाद उप-प्रधानमंत्री फुमथम वेचायाचाई कार्यवाहक प्रधानमंत्री होंगे और मंत्रिमंडल संभालेंगे। कोर्ट ने शिनावात्रा को जुलाई में ही निलंबित कर दिया था, तब से फुमथम ही नेतृत्व संभाल रहे हैं। आगे संसद द्वारा नए प्रधानमंत्री का चयन किया जाएगा, जिसकी तिथि सदन के अध्यक्ष द्वारा तय की जाएगी। सदन में मतदान से पहले किसी उम्मीदवार को 50 सांसदों का समर्थन होना चाहिए। प्रधानमंत्री बनने के लिए निचले सदन के मौजूदा 492 सदस्यों में 247 वोट जरूरी हैं।
आरोप
शिनावात्रा पर क्या था आरोप?
थाईलैंड-कंबोडिया के तनाव के बीच 15 जून, 2025 को शिनावात्रा ने कंबोडिया के पूर्व प्रभावशाली नेता हुन सेन से 17 मिनट फोन पर बातचीत की, जिसमें सीमा विवाद पर चर्चा हुई। सीमा विवाद मई में एक कंबोडियाई सैनिक की मृत्यु के बाद अधिक बढ़ गया था। हुन से बातचीत में शिनावात्रा ने उनको 'अंकल' कहा और थाई सेना के वरिष्ठ कमांडर, लेफ्टिनेंट-जनरल बूनसिन पैडक्लांग की आलोचना की। बाद में यह बातचीत लीक हो गई, जिससे राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया।
निलंबन
एक साल में 2 प्रधानमंत्री बर्खास्त
शिनावात्रा को पिछले साल अगस्त में श्रेष्ठा थाविसिन की बर्खास्तगी के बाद कुर्सी मिली थी। थाविसिन को संवैधानिक कोर्ट ने कैबिनेट में पूर्व वकील को नियुक्त करने पर हटाया था। कोर्ट ने 5-4 बहुमत के फैसले में कहा था कि प्रधानमंत्री थाविसिन ने मंत्री की नियुक्ति में कोई नैतिकता और ईमानदारी नहीं दिखाई। बता दें कि शिनावात्रा के पिता पूर्व प्रधानमंत्री और अरबपति व्यवसायी थाकसिन के खिलाए एक अलग कोर्ट में शाही मानहानि के मुकदमा चल रहा है।
पहचान
कौन हैं शिनावात्रा?
37 वर्षीय शिनावात्रा ने थाईलैंड और ब्रिटेन में पढ़ाई की है। उन्होंने कुछ वर्ष परिवार के रेंडे होटल समूह में काम किया, जहां उनके पति उपमुख्य निवेश अधिकारी हैं। शिनावात्रा 2021 में फ्यू थाई पार्टी में आईं और 2023 में पार्टी नेता बनीं। उन्हें 2024 में सांसदों के समर्थन से प्रधानमंत्री बनाया गया। वह अपनी चाची यिंगलुक के बाद दूसरी महिला शासक हैं। शिनावात्रा प्रधानमंत्री बनने वाली अपने परिवार की चौथी सदस्य हैं। उनके पिता थाकसिन 2001 में प्रधानमंत्री थे।