फ्रांस में स्कूलों की खराब हालत को लेकर सड़कों पर छात्र, 5000 से अधिक गिरफ्तार
फ्रांस में शिक्षा के बिगड़ते हालात को लेकर सितंबर से छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। युवा स्कूलों में अत्यधिक भीड़, जर्जर हो चुकी इमारतों और शिक्षकों की कमी जैसी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
यह आंदोलन पेरिस से शुरू हुआ था, लेकिन बाद में पूरे देश में फैल गया। इसके चलते अब तक 5,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कम से कम 190 छात्रों के घायल होने की खबर है।
देश के अलग-अलग हिस्सों में स्कूलों में सुधार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हैं।
सेबेस्टियन लेकोर्नु ने शिक्षा सुधारों की योजना पेश की
प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नु ने इन समस्याओं को ठीक करने के लिए एक योजना पेश की। इस योजना में सुविधाओं को बेहतर बनाने और कक्षाओं के प्रबंधन को ठीक करने जैसी बातें शामिल हैं।
हालांकि, यूनियन सिंडिकेल लिसेएन (USL) का कहना है कि यह योजना पर्याप्त नहीं है और इसमें ठोस जानकारी की कमी है।
2027 के बजट में शिक्षा के लिए 1.2 अरब यूरो की बढ़ोतरी का वादा भी किया गया है, लेकिन फिर भी कई छात्र इससे संतुष्ट नहीं दिख रहे हैं।
विरोध प्रदर्शन अब भी जोरो पर जारी हैं और दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए हैं। फिलहाल इस समस्या का कोई स्पष्ट समाधान नजर नहीं आ रहा है।