युद्धविराम के बाद होर्मुज से निकलना शुरू हुए जहाज, ओमान ने कहा- कोई टोल नहीं लगेगा
क्या है खबर?
अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते का युद्धविराम लागू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का आवागमन शुरू हो गया है। समाचार एजेंसी AFP की रिपोर्ट के अनुसार, मरीनट्रैफिक मॉनिटर ने जहाजों के निकलने की पुष्टि की है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने कहा कि वह होर्मुज से जहाजों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है। इस बीच, ओमान ने होर्मुज से निकलने के लिए जहाजों पर टोल की खबरों को नकारा है।
ओमान
ओमान के परिवहन मंत्री बोले- जहाजों पर कोई शुल्क नहीं लगेगा
ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की ईरान की मांग को खारिज करते हुए कहा कि जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा सकता है। ओमान के परिवहन मंत्री ने कहा, "सल्तनत ने ऐसे समझौते किए हैं, जिनसे यह सुनिश्चित होता है कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा।" उन्होंने होर्मुज से स्वतंत्र और सुरक्षित नौवहन को संरक्षित करने के लिए ओमान की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
ईरान
ईरान ने रखा था टोल लगाने का प्रस्ताव
इससे पहले ईरान ने 10-सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव में एक शर्त शामिल की थी, जिसके तहत ईरान और ओमान दोनों को होर्मुज से निकलने वाले जहाजों पर टोल लगाने की अनुमति देता है। रॉयटर्स से एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा, "तेहरान चाहता है कि ईरानी नेतृत्व पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद शुरू हुए युद्ध के बाद किसी भी स्थायी शांति समझौते में इस तरह के शुल्क लगाने के उसके अधिकार को औपचारिक रूप से मान्यता दी जाए।"
चर्चा
ईरान ओमान के साथ मिलकर प्रस्ताव पर कर रहा था काम
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबदी ने कहा था कि तेहरान ओमान के साथ एक प्रोटोकॉल पर काम कर रहा है, जिसके तहत जहाजों को होर्मुज से गुजरने से पहले परमिट और लाइसेंस प्राप्त करना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि यह उपाय समुद्री यातायात को बाधित करने के बजाय उसे सुव्यवस्थित करने के लिए बनाया गया था। ओमान ने इसकी पुष्टि की थी लेकिन यह नहीं बताया कि कोई औपचारिक समझौता हुआ है या नहीं।
हमले
युद्धविराम के बावजूद हमले जारी
युद्धविराम के बावजूद ईरान के लवन आइलैंड की तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ है, जिसके बाद रिफाइनरी में आग लग गई। कुवैत ने भी दावा किया कि ईरान की ओर से ड्रोन दागे गए हैं। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सुबह से अब तक 28 ईरानी ड्रोन मार गिराए गए हैं। मंत्रालय ने कहा कि इन ड्रोनों ने तेल प्लांट, बिजली घर और पानी के डीसैलिनेशन प्लांट जैसी सुविधाओं को निशाना बनाया है।