भारत ने अमेरिकी संसदीय दल के सामने रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के कानूनों पर चिंता जताई
अमेरिकी कांग्रेस (संसद) का प्रतिनिधिमंडल ब्रायन मैस्ट के नेतृत्व में भारत आया है, जिसका मकसद हाल में आए रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम' (SRIA) पर चर्चा करना।
यह नया कानून राष्ट्रपति ट्रंप ने 18 सितंबर को पास किया था। इसके तहत, अगर अमेरिकी राष्ट्रपति फैसला करते हैं तो रूस से तेल और गैस खरीदने वाले सबसे बड़े 5 देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ (आयात शुल्क) लगाया जा सकता है।
भारत रूस के तेल पर काफी निर्भर करता है, ऐसे में यह कदम उसकी ऊर्जा सप्लाई के लिए बड़ी चुनौतियां खड़ी कर सकता है।
अमेरिकी दल ने ऊर्जा पर चर्चा की, धर्मशाला का भी दौरा किया
अमेरिकी दल ने भारत के कई बड़े अधिकारियों से मुलाकात की। इनमें विदेश सचिव विक्रम मिस्री और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह जैसे प्रमुख लोग शामिल थे।
उनकी बातचीत का मुख्य विषय ऊर्जा सुरक्षा (जो आजकल एक बड़ा मुद्दा है), रक्षा तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मसले थे। इसमें भारत की चिंताओं को उठाया गया।
इस अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने तिब्बतियों के प्रति अपना समर्थन दिखाने के लिए धर्मशाला का भी दौरा किया।
वहीं, भारतीय नेताओं ने साफ किया कि वे अपनी ऊर्जा आपूर्ति के कई विकल्प बनाए रखने और इन नए नियमों के लागू होने पर अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को बचाने को लेकर चिंतित हैं।