AI सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को लेकर लंदन से बर्लिन तक गूंजी 'पॉज AI' की आवाज
लंदन में पिछले हफ्ते एक बड़े टेक डिनर में 'पुल द प्लग' नाम के एक ग्रुप ने AI सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
उन्होंने एनवीडिया और पालांटिर जैसी कंपनियों पर सवाल उठाए। यह ग्रुप इसी साल जनवरी में शुरू हुआ था, जिसमें पहले सदस्यों की संख्या सीमित थी।
हालांकि, AI सुरक्षा से जुड़ी हाल की डराने वाली खबरों और रिसर्चर्स की तरफ से बेकाबू तकनीक से जुड़े खतरों की चेतावनियों के बाद इसके सदस्यों की संख्या 300 हो गई है। समिति लगाकर AI सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को उठा रही है। उनका 'पॉज AI' आंदोलन बढ़ रहा है।
'पॉज AI' के विरोध प्रदर्शन पेरिस और बर्लिन तक पहुंचें
'पॉज AI' आंदोलन तेजी से बढ़ रहा है। बेकाबू AI एजेंटों, हगिंग फेस की घटना, जेकब कॉक्सन की "हमें खत्म कर दो" चेतावनी, स्कूलों में बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता में कमी, ऑफिसों में लापरवाही भरे काम और डेटा सेंटर के निर्माण से जुड़ी चिंताजनक खबरों के बाद इसमें और ज्यादा स्वयंसेवक और छात्र जुड़ रहे हैं।
पेरिस और बर्लिन जैसे शहरों में भी इसके विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जहां छात्र और पर्यावरणविद एक साथ मिलकर ज्यादा जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
वे नहीं चाहते कि टेक कंपनियां बिना सोचे-समझे AI के नए डेवलपमेंट्स को आगे बढ़ाएं।