व्हाइट हाउस में AI समझौते पर ट्रंप और टेक दिग्गजों के हस्ताक्षर, दस्तावेजों में मिली अजीब चूक
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और बड़े-बड़े तकनीकी दिग्गजों ने व्हाइट हाउस में एक नया और अहम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समझौता किया है।
बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सरकार सरकारी संचार में अब AI के बजाय आधिकारिक तौर पर 'सुपर इंटेलिजेंस' (SI) शब्द का इस्तेमाल करेगी।
हालांकि, इस दौरान समझौते के दस्तावेज़ में एक साफ-साफ टाइपो था, जिसमें उन्हें 'यूनाइटेड' की जगह 'प्रेसिडेंट ऑफ द यूनाइट्स स्टेट्स' लिखा गया था, जिसके नीचे ट्रंप के हस्ताक्षर भी थे।
इसके बावजूद, गूगल के CEO सुंदर पिचाई, मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग, एंथ्रोपिक की डारिया अमोदेई, ओपनएआई के ग्रेग ब्रॉकमैन, एलन मस्क और एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग जैसे कई दिग्गजों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
यह समझौता AI के लिए 4-चरणीय सुरक्षा उपाय तय करता है
इस समझौते में सुपर इंटेलिजेंस को एक नया नाम दिया गया है, जिसका इस्तेमाल अब अमेरिका AI से जुड़ी बातचीत में करेगा। इसके तहत AI की सुरक्षा के लिए चार चरणों वाली एक योजना तैयार की गई है।
इसमें AI मॉडल्स की निगरानी के लिए अंदरूनी कंट्रोल्स, इन कंट्रोल्स की जांच के लिए एक अंदरूनी टीम, बाहर से होने वाले स्वतंत्र मूल्यांकन और एक स्वतंत्र बोर्ड समिति की देखरेख शामिल है।
ट्रंप ने इस समझौते को AI को नियंत्रण में रखने के लिए लगभग संविधान जैसा बताया है। कंपनियां इन स्वैच्छिक नियमों का पालन करने पर सहमत हुई हैं।
इसके साथ ही, वे ऐसे तरीकों से आगे बढ़ेंगी जिनसे समाज को लाभ हो और खतरनाक तकनीकी गलतियों से बचा जा सके।