
पाकिस्तान में 'फिर भी दिल है हिंदुस्तानी' गाने पर नाचे स्कूली बच्चे, फहराया तिरंगा, देखें वीडियो
क्या है खबर?
एक तरफ पाकिस्तान की सेना और वहां स्थित आतंकवादी भारत को निशाना बनाने में लगे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ वहां बच्चे 'फिर भी दिल है हिंदुस्तानी' गाने पर डांस कर रहे हैं।
बच्चों के इस डांस कार्यक्रम में भारत का राष्ट्रीय झंडा तिरंगा भी फहराया गया।
हालांकि, स्कूल को ये कार्यक्रम करना भारी पड़ा और उसकी मान्यता निलंबित कर दी गई है।
आइए आपको इस घटना के बारे में और जानकारी देते हैं।
मामला
वायरल हो रहा है वीडियो
मामला कराची के 'मामा बेबी केयर कैंब्रिज स्कूल' का है।
घटना पिछले हफ्ते की है और तभी से इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वायरल हो रहे वीडियो में पाकिस्तान के स्कूली बच्चों को 'फिर भी दिल है हिंदुस्तानी' गाने पर डांस करते हुए देखा जा सकता है।
बच्चों के पीछे बैकग्राउंड में भारतीय झंडा तिरंगा भी फहराया जा रहा है।
अब अधिकारियों ने इसका संज्ञान लेते हुए स्कूल का पंजीकरण निलंबित कर दिया है।
पाकिस्तान
'राष्ट्रीय गरिमा के खिलाफ कार्यक्रम'
पाकिस्तानी अधिकारियों को कहना है कि इस कार्यक्रम से राष्ट्रीय गरिमा को ठेस पहुंची है और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए स्कूल का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है।
स्कूल मालिकों को कारण बताओ नोटिस भेज गया है। साथ ही उन्हें निजी संस्थान एवं पंजीकरण निदेशालय सिंध (DIRPIS) के सामने पेश होने का आदेश जारी किया है।
DIRPIS में मामले में जांच के लिए एक 3 सदस्यीय समिति भी बनाई है।
आरोप
जानबूझ कर किया था स्कूल ने कार्यक्रम
DIRPIS के रजिस्ट्रार राफिया जावेद ने मामले पर कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देना पाकिस्तान की राष्ट्रीय गरिमा के खिलाफ है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्कूल मालिकों को 3 दिन के भीतर मामले में अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
अगर वह ऐसा करने में नाकामयाब रहते हैं तो स्कूल की मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्कूल ने जानबूझकर ऐसे कार्यक्रम को आयोजन किया था।
स्कूल की सफाई
कई देशों की संस्कृतियों के बारे में जागरूक करने के लिए था कार्यक्रम
राफिया का कहना है कि मामला संवेदनशील है और इस पर जनाक्रोश भड़क सकता है।
पाकिस्तान के लोग घटना का जमकर विरोध भी कर रहे हैं।
मामले पर सफाई देते हुए स्कूल की उप-प्रधानाचार्य फातिमा ने कहा कि बच्चों को अलग-अलग देशों की संस्कृतियों के बारे में जागरूक करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
उन्होंने बताया कि भारत के अलावा कार्यक्रम में सऊदी अरब, अमेरिका, मिस्र, पाकिस्तान एवं संस्कृतियों पर भी प्रस्तुतियां दी गईं।