ब्रिटेन: बस-ट्रेन में 87 प्रतिशत महिलाएं खुद महसूस करती हैं असुरक्षित, हेयरस्प्रे और चाबियां हैं बचाव के हथियार
उत्तर-पूर्व इंग्लैंड की महिलाएं बसों और ट्रेनों में अपनी सुरक्षा के लिए हेयरस्प्रे, इत्र और यहां तक कि डीप हीट स्प्रे जैसी चीजें इस्तेमाल कर रही हैं। एक ताजा सर्वे में 1,938 जवाब देने वाली महिलाओं में से 87 प्रतिशत ने कहा कि यात्रा के दौरान उन्हें असुरक्षित या असहज महसूस होता है। स्टेनली में 'जस्ट फॉर वीमेन' सेंटर पर महिलाएं आपस में टिप्स शेयर कर रही हैं। इनमें चाबियों को तात्कालिक हथियार की तरह इस्तेमाल करना, सुरक्षा के लिए ट्रैकिंग ऐप्स का इस्तेमाल करना और अपना हेयरस्टाइल बदलना शामिल हैं। सेंटर चलाने वाली लिंडा किर्क का कहना है कि सिर्फ रोजमर्रा के कामों के लिए बाहर निकलने के लिए अगर ऐसी एहतियात बरतनी पड़े तो यह बेतुका है।
किम मैकगुइनेस ने की ट्रांसपोर्ट प्लान की घोषणा
इस बीच, स्थानीय नेताओं ने भी इस दिशा में कदम उठाए हैं। उत्तर-पूर्व की मेयर किम मैकगुइनेस ने 42 लाख पाउंड (53.98 करोड़ रुपये) के प्लान का ऐलान किया है, जिसके तहत पूरे ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में 700 नए कैमरे लगाए जाएंगे और लाइटिंग बेहतर की जाएगी। बस कंपनी 'गो नॉर्थ ईस्ट' अपने ड्राइवरों को यात्रियों को परेशान करने वालों से निपटने का प्रशिक्षण दे रही है। साथ ही, लोगों से अपील कर रही है कि अगर उनके साथ कुछ गलत हो तो वे आवाज उठाएं। राष्ट्रीय स्तर पर LNER ने 'आस्क फॉर एंजेला' नाम की एक स्कीम शुरू की है। इसके जरिए अगर कोई भी यात्री असुरक्षित महसूस करे, तो वह चुपचाप स्टाफ से मदद मांग सकता है।