क्लाउड कोड यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव, 14 अगस्त से डिफॉल्ट होगा ऑटो मोड
क्या है खबर?
एंथ्रोपिक 14 अगस्त से क्लाउड AI कोड के प्रो, मैक्स और टीम यूजर्स के लिए ऑटो मोड को डिफॉल्ट विकल्प बनाने जा रही है। इस मोड में क्लाउड यूजर की ओर से कुछ फैसले खुद ले सकता है और काम को लंबे समय तक जारी रख सकता है। कंपनी के मुताबिक, यह बदलाव क्लाउड कोड के इस्तेमाल को आसान बनाने के साथ लंबे और जटिल कामों को ज्यादा व्यावहारिक बनाने के लिए किया जा रहा है।
काम
ऑटो मोड में खुद फैसले लेगा क्लाउड
ऑटो मोड शुरू होने के बाद क्लाउड कोड कई कामों के दौरान हर कदम पर यूजर से अनुमति मांगने के बजाय खुद फैसला ले सकेगा।
एंथ्रोपिक के मुताबिक, इससे लंबे समय तक चलने वाले कामों में बार-बार रुकावट कम होगी। अगर किसी यूजर ने पहले से डिफॉल्ट अनुमति मोड चुना है, तो कंपनी उसे बदलाव की जानकारी इन-ऐप नोटिफिकेशन के जरिए देगी।
यूजर शिफ्ट और टैब शॉर्टकट का इस्तेमाल करके अपनी पसंद का डिफॉल्ट मोड दोबारा चुन सकेंगे।
ऑटो मोड
एंथ्रोपिक ने ऑटो मोड को सुरक्षित बताया
एंथ्रोपिक का कहना है कि ऑटो मोड सुरक्षा के मामले में इंसानी अनुमति जांच से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
कंपनी ने 1,053 भुगतान करने वाले परीक्षकों के साथ परीक्षण किया। इसमें इंसानी परीक्षकों ने केवल 13.6 प्रतिशत खतरनाक कमांड पहचानकर रोके, जबकि ऑटो मोड ने 89 प्रतिशत ऐसे कमांड ब्लॉक किए।
ऑटो मोड ने 800 खतरनाक कमांड भी रोके, जिन्हें इंसानी परीक्षकों ने मंजूरी दे दी थी। हालांकि, ये आंकड़े एंथ्रोपिक के अपने परीक्षण पर आधारित हैं।
काम
लंबे कामों में लगातार चलेगा क्लॉड
एंथ्रोपिक के मुताबिक, ऑटो मोड का दूसरा फायदा यह है कि क्लाउड लंबे कामों के दौरान घंटों तक पृष्ठभूमि में लगातार काम कर सकता है।
कंपनी ने कुछ उदाहरण भी बताए हैं, जहां सिस्टम ने संभावित नुकसान पहुंचाने वाले कामों को रोक दिया। एक मामले में क्लॉड ने सार्वजनिक कोड साझा करने वाली वेबसाइट पर रिपोर्ट डालने की कोशिश की, जिसे ऑटो मोड ने रोक दिया।
दूसरे मामले में लगभग 2,000 पॉड हटाने वाले आदेश सिस्टम ने ब्लॉक किए थे।