#NewsBytesExplainer: ईरान अमेरिका के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों को कैसे बना रहा है निशाना?
क्या है खबर?
बीते 24 घंटे में ईरान ने अमेरिका के 2 लड़ाकू विमान मार गिराए हैं। इनमें आधुनिक लड़ाकू विमान F-15E और A-10 वार्थोग शामिल हैं। इसके अलावा बचाव अभियान में लगे 2 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों पर भी रॉकेट दागे गए हैं। F-15E विमान का एक पायलट लापता बताया जा रहा है। वहीं, एक को अमेरिका ने खोज लिया है। इन हमलों ने ईरान की वायु रक्षा प्रणाली की क्षमताओं को लेकर दुनिया को चौंका दिया है।
ीमाजिद
विश्लेषकों का अनुमान- मजीद मिसाइल रक्षा प्रणाली का इस्तेमाल कर रहा ईरान
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान विमानों पर हमले के लिए मजीद इन्फ्रारेड वायु रक्षा प्रणाली या कंधे से दागी जाने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है। ईरान ने जिन 2 विमानों को गिराया है, वे संभवतः कम ऊंचाई पर उड़ रहे थे, जिसके चलते इन हथियारों के लिए आसान लक्ष्य बन गए। माना जाता है कि 19 मार्च को जो अमेरिकी F-35 विमान गिरा था, उस पर भी मजीद मिसाइल प्रणाली से हमला किया गया था।
मजीद वायु रक्षा प्रणाली
मजीद वायु रक्षा प्रणाली के बारे में जानिए
ईरान 2021 से इस प्रणाली का इस्तेमाल कर रहा है। इसका उद्देश्य कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों से बचाव करना है। ये प्रणाली पैसिव इंफ्रारेड डिटेक्शन तकनीक का इस्तेमाल करती है। इसकी रेंज दूरी में 8 किलोमीटर और ऊंचाई में लगभग 6 किलोमीटर है। इसके इंफ्रारेड सेंसर 15 किलोमीटर तक की रेंज में काम करते हैं। काशेफ-99 फेज्ड-एरे सिस्टम लगाने के बाद ये क्षमता 30 किलोमीटर तक बढ़ जाती है। इसमें एक साथ 8 मिसाइलें होती हैं।
घातक
क्यों घातक है मजीद वायु रक्षा प्रणाली?
इस वायु रक्षा प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें रडार के बजाय पैसिव इन्फ्रारेड गाइडेंस का इस्तेमाल होता है। इस वजह से दुश्मन के लड़ाकू विमान इन्हें ट्रैक नहीं कर पाते। समाचार एजेंसी AP से बात करते हुए फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज में ईरान कार्यक्रम के निदेशक बेहनम बेन तालेब्लू ने कहा, "एक निष्क्रिय वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह से नष्ट नहीं होती। हमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि वे अभी भी लड़ रहे हैं।"
मोबाइल लॉन्चर
स्थायी हवाई रक्षा के बजाय मोबाइल लॉन्चर पर ईरान का ध्यान
पिछले कुछ सालों में ईरान ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए स्थायी हवाई रक्षा प्रतिष्ठानों से दूरी बना ली है और पूरा ध्यान मोबाइल लॉन्चर पर केंद्रित किया है। भूराजनीतिक विश्लेषक शैल बेन-एप्रैम के अनुसार, ईरान की ज्यादातर वायु रक्षा प्रणालियां अब भूमिगत मिसाइल शहरों, सुरंगों और ऊबड़-खाबड़ तटीय इलाकों में छिपी हुई हैं। कई अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में भी दावा किया गया है कि लगातार हमलों के बावजूद ईरान के आधे मिसाइल लॉन्चर अभी भी सुरक्षित हैं।
प्रणाली
मोबाइल मिसाइल लॉन्चरों का इस्तेमाल कर रहा ईरान
ईरान ने सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल लॉन्चरों का जखीरा भी बढ़ाया है। ये लॉन्चर तेजी से अपनी स्थिति बदल सकते हैं, जिससे इन्हें ढूंढना और नष्ट करना मुश्किल हो जाता है। यानी ये हमला करने के फौरन बाद अपनी स्थिति बदल लेते हैं। बेन-एप्रैम के मुताबिक, संभवत: ईरान अत्यधिक उन्नत लंबी दूरी की मिसाइल प्रणाली HQ-9B का इस्तेमाल कर रहा है। ये रडार और इन्फ्रारेड दोनों तरह की तकनीक का इस्तेमाल करती है।
जानकारी
23 साल में पहली बार गिरा कोई अमेरिकी विमान
ये घटनाक्रम अमेरिका के लिए बड़ा झटका है। 23 साल में ये पहली बार है, जब कोई अमेरिकी लड़ाकू विमान युद्धक्षेत्र में मार गिराया गया है। आखिरी बार 2003 में इराक युद्ध के दौरान कोई अमेरिकी विमान युद्ध के दौरान मारा गया था।