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इजरायल ने ईरान के तेल डिपो पर हमला किया, नेतन्याहू बोले- ईरानियों की आजादी नजदीक
इजरायल ने ईरान के कई तेल डिपो पर हमला किया है

इजरायल ने ईरान के तेल डिपो पर हमला किया, नेतन्याहू बोले- ईरानियों की आजादी नजदीक

लेखन आबिद खान
Mar 08, 2026
11:27 am

क्या है खबर?

ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच युद्ध का आज 9वां दिन है। इजरायल ने ईरान के तेल डिपो और टैंकरों को निशाना बनाया है। इजराइली मीडिया ने बताया कि ईरान के 30 टैंकों और कई तेल डिपो को निशाना बनाया गया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरानी जनता के लिए 'सच्चाई का क्षण' आ रहा है। उन्होंने आगे बताया कि इजरायल-अमेरिका ने तेहरान के हवाई क्षेत्र पर लगभग पूर्ण नियंत्रण कर लिया है।

तेल डिपो

इजरायल ने पहली बार तेल डिपो को बनाया निशाना

फार्स समाचार एजेंसी ने ईरान के तेल मंत्रालय के सूत्र के हवाले से बताया कि पश्चिमी तेहरान में 3 तेल डिपो पर इजरायल ने हमला किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि राजधानी के कुहाक और शाहरान इलाकों और पास के शहर करज में हमला किया गया। ये पहली बार है, जब इजरायल ने तेल डिपो को निशाना बनाया है। हमले के बाद राजधानी तेहरान में कई जगहों पर धुएं का गुबार उठता देखा गया।

वजह

इजरायल ने ईरानी तेल डिपो पर क्यों किए हमले?

न्यूज18 के मुताबिक, तेल डिपो पर हमले का उद्देश्य ईरान की घरेलू ईंधन आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करना था। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन हमलों के जरिए ईरान के राजनीतिक गढ़ में सैन्य रसद, नागरिक परिवहन, बिजली उत्पादन और शासन की स्थिरता को पंगु बनाना लक्ष्य था। आकलन में कहा गया है कि राजधानी के पास स्थित बड़े भंडारण टैंकों और डिपो पर हमला करना, ईरान की घरेलू स्थिरता पर आंतरिक दबाव डालने के इरादे को दर्शाता है।

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ईरान

ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी दूतावासों को निशाना बनाया

ईरान खाड़ी देशों में अमेरिकी दूतावासों और राजनयिक मिशनों को निशाना बना रहा है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ड्रोन हमले में रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर को निशाना बनाया गया, जहां अमेरिकी दूतावास और अन्य विदेशी मिशन हैं। इराक के बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास भी धमाके हुए हैं। ओस्लो में अमेरिकी दूतावास के पास भी एक जोरदार धमाका हुआ है। रॉयटर्स ने नॉर्वे पुलिस के हवाले से यह जानकारी दी है।

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बयान

नेतन्याहू ने ईरान में सत्ता बदलाव के संकेत दिए

नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल के पास ईरान के साथ युद्ध के अगले चरण के लिए कई आश्चर्यजनक और व्यवस्थित योजना है- सरकार को अस्थिर करने और बदलाव लाने के लिए। उन्होंने कहा, "ईरानियों के लिए इस्लामिक रिपब्लिक को हटाने का सच का पल पास आ रहा है। इजरायल ईरान को बांटने की कोशिश नहीं कर रहा, बल्कि आजाद करने की कोशिश कर रहा है। सरकार को हटाना आप पर निर्भर करता है। इससे ही इजरायल-ईरान के बीच शांति आएगी।"

ट्रंप का बयान

ट्रंप बोले- ईरान से कोई समझौता नहीं

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "अमेरिका ईरान से कोई समझौता नहीं करना चाहता। हम नहीं चाहते कि 5 या 10 साल बाद फिर ऐसी स्थिति हो। ईरान में ऐसा नेतृत्व होना चाहिए जो अपने देश को बार-बार युद्ध की ओर न ले जाए। अमेरिकी हमलों में ईरान के लगभग 70 प्रतिशत रॉकेट लॉन्चर नष्ट हो गए। ईरान की सैन्य ताकत लगातार कमजोर हो रही है। हालात ऐसे हो सकते हैं कि अंत में ईरान में आत्मसमर्पण करने वाला कोई न बचे।"

घटनाक्रम

युद्ध से जुड़े बड़े घटनाक्रम

बेरूत के एक होटल में इजरायली हमलों में 4 लोग मारे गए हैं। इजरायली सेना ने कहा कि उसने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कुद्स फोर्स की लेबनानी शाखा के कमांडरों को निशाना बनाया है। इराक के इरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले में एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई। कुवैत ने कहा कि उसकी हवाई रक्षा प्रणाली ने 3 बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट किया है। सऊदी अरब ने कहा कि उसने रियाद के पास 3 ड्रोन को निष्क्रिय किया है।

चेतावनी

ईरान बोला- इजरायल और अमेरिका को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे

ईरान ने अमेरिका और इजरायल को गंभीर परिणामों की चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, "अमेरिका ने केशिन द्वीप पर स्थित एक मीठे पानी के डीसैलिनेशन प्लांट पर हमला करके अपराध किया है। इस हमले से लगभग 30 गांवों की पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। किसी देश के बुनियादी ढांचे पर हमला करना बहुत खतरनाक कदम है और इसके बड़े परिणाम हो सकते हैं। इसकी शुरुआत अमेरिका ने की है, ईरान ने नहीं।"

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