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ईरान युद्ध के बीच खाड़ी देशों से 52,000 भारतीय देश लौटे
युद्ध के बीच खाड़ी देशों से भारतीयों का लौटना जारी है (फाइल तस्वीर)

ईरान युद्ध के बीच खाड़ी देशों से 52,000 भारतीय देश लौटे

लेखन आबिद खान
Mar 08, 2026
10:26 am

क्या है खबर?

ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के बीच पश्चिम एशियाई क्षेत्र से 52,000 से अधिक भारतीय देश लौटे हैं। 1 से 7 मार्च के बीच इनमें से 32,107 भारतीय एयरलाइंस के जरिए और बाकी विदेशी कमर्शियल फ्लाइट्स और नॉन-शेड्यूल्ड फ्लाइट्स के जरिए वापस आए हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय कहा कि वह पश्चिम एशिया की स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है और वहां फंसे अपने नागरिकों को निकालने का प्रयास कर रहा है।

बयान

मंत्रालय बोला- भारतीयों की मदद के लिए विशेष कंट्रोल रूम बनाया

मंत्रालय ने बताया कि खाड़ी देशों में बिगड़ते हालात के बीच वहां फंसे भारतीयों की सहायता के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है, जो प्रभावित लोगों और उनके परिवारों की मदद कर रहा है। मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावास/वाणिज्य दूतावास द्वारा जारी सलाहों का पालन करने की सलाह दी गई है। विभिन्न देशों में स्थित भारतीय मिशनों ने 24 घंटे हेल्पलाइन भी शुरू की हैं।

बड़ी बातें

मंत्रालय के बयान की अहम बातें

पिछले कुछ दिनों में हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के बाद बचाव अभियान में तेजी आई है। 1 मार्च से 7 मार्च के बीच 52,000 से ज्यादा भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। आने वाले दिनों में और भी विशेष उड़ानें चलाए जाने की योजना है। जिन देशों में अभी उड़ानें बंद हैं, वहां के लोगों को नजदीकी भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

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सलाह

मंत्रालय ने भारतीयों से किया ये आग्रह

मंत्रालय ने क्षेत्र में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों से स्थानीय अधिकारियों के दिशानिर्देशों और भारतीय मिशनों की ओर से जारी सलाह का पालन करने का आग्रह किया। मंत्रालय ने कहा कि विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और वह सहायता की जरूरत वाले सभी लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिए पूरे क्षेत्र की सरकारों के साथ काम कर रही है।

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भारतीय

खाड़ी देशों में कितने भारतीय रहते हैं?

खाड़ी देशों में करीब 90 लाख भारतीय रहते हैं। ये कई भारतीय परिवारों के अकेले कमाने वाले हैं और भारत में सबसे बड़े रेमिटेंस भेजने वालों में से हैं। अनुमान बताते हैं कि भारत का एक तिहाई से ज्यादा रेमिटेंस मध्य पूर्व और खाड़ी देशों से आता है। इस साल जनवरी तक ईरान में 10,000 से ज्यादा भारतीय रह रहे थे। वहीं, इजरायल में 41,000 से ज्यादा भारतीय मूल के लोग रहते हैं।

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