ईरान का हवाई क्षेत्र बंद, अमेरिका ने सैनिक बुलाए; यूरोपीय अधिकारी बोले- 24 घंटे में हमला
क्या है खबर?
ईरान में प्रदर्शनों के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। अमेरिका ने कतर स्थित अल-उदैद एयरबेस से सैनिकों को वापस बुलाया है। ये मध्य-पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है। कतर ने कहा कि यह वापसी मौजूदा क्षेत्रीय तनावों के जवाब में हुई है। वहीं, ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है और नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया है। इसके बाद ईरान और इराक के ऊपर से विमानों की आवाजाही बंद हो गई है।
फांसी
प्रदर्शनकारियों को फांसी नहीं देगा ईरान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बाद ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देने के फैसले से पीछे हट गया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची के हवाले से कहा कि ईरान की लोगों को फांसी देने की कोई योजना नहीं है। हालांकि, इससे पहले ईरान ने प्रदर्शनकारियों को जल्द फांसी देने का ऐलान किया था। ईरानी न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसेनी-एजेई ने कहा था, "अगर हमें कोई काम करना है, तो हमें उसे अभी करना चाहिए।"
हमला
यूरोपीय अधिकारी बोले- 24 घंटे के भीतर हो सकता है हमला
एक पश्चिमी सैन्य अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि संकेतों से पता चलता है कि अमेरिका का हमला आसन्न हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि ट्रंप प्रशासन अक्सर विरोधियों को अस्थिर रखने के लिए इस तरह के युद्धाभ्यास का इस्तेमाल करता है। रॉयटर्स ने यूरोपीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिका अगले 24 घंटों के भीतर सैन्य हस्तक्षेप कर सकता है। हालांकि, संभावित हमले का समय और दायरा अभी स्पष्ट नहीं है।
बयान
ट्रंप बोले- ईरान की सरकार गिर सकती है
ट्रंप ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के कारण ईरान की सरकार गिर सकती है। उन्होंने कहा, "चाहे वह गिरे या न गिरे, यह एक दिलचस्प समय होगा।" हालांकि, ट्रंप ने निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी को लेकर भी हिचकिचाहट जाहिर की। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि वह कैसा प्रदर्शन करेंगे। हम अभी उस मुकाम तक नहीं पहुंचे हैं। मुझे नहीं पता कि उनका देश उनके नेतृत्व को स्वीकार करेगा या नहीं। अगर वे करते हैं, तो मुझे कोई दिक्कत नहीं।"
प्रदर्शन
प्रदर्शन में अब तक कितनी मौतें?
28 दिसंबर, 2025 से ईरान में जारी प्रदर्शन में मौतों को लेकर अलग-अलग आंकड़े हैं। अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी के अनुसार, इस दमनकारी कार्रवाई में कम से कम 2,615 लोग मारे गए हैं, जबकि अन्य अनुमानों के अनुसार मरने वालों की संख्या 3,000 से भी ज्यादा है। 10,000 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी की खबर है। कार्यकर्ताओं ने यह भी चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों को फांसी दी जा सकती है।