भारत ने UNSC में स्थायी और अस्थायी दोनों सीटें बढ़ाने की मांग की
भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में बड़े बदलाव की मांग की है। उसका मानना है कि परिषद की मौजूदा बनावट बीते जमाने की बात हो गई है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के शीर्ष राजनयिक परवथनेनी हरीश ने यह तर्क दिया कि परिषद में स्थायी और अस्थायी, दोनों ही तरह की सीटों को बढ़ाना चाहिए। ऐसा होने पर ही यह परिषद आज की दुनिया की सही तस्वीर दिखा पाएगी, न कि सिर्फ 1945 के हालात को।
बता दें कि UNSC में 5 स्थायी सदस्य हैं, जिसमें चीन, रूस, अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन शामिल है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र से एकमात्र चीन स्थायी सदस्य है।
परवथनेनी हरीश ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र के कम प्रतिनिधित्व पर रोशनी डाली
हरीश ने बताया कि परिषद में सुधारों को लेकर बातचीत तो कई सालों से चल रही है, लेकिन इसमें कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एशिया-प्रशांत जैसे बड़े क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व सुरक्षा परिषद में न के बराबर है, जबकि दुनिया की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी इसी इलाके में रहती है, फिर भी यहां से सिर्फ एक ही स्थायी सदस्य है।
हरीश ने यह भी कहा कि अगर वीटो पावर बनी रहती है, तो इसे समान रूप से बांटा जाना चाहिए ताकि किसी के साथ अन्याय न हो।
इसके साथ ही, उन्होंने सुरक्षा परिषद के कामकाज में और ज्यादा पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की मांग की।