अमेरिका ने भारत समेत 16 देशों के खिलाफ शुरू की जांच, लगा सकता है नया टैरिफ
क्या है खबर?
अमेरिका ने भारत और चीन समेत 16 देशों के खिलाफ एक नई जांच शुरू की है। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि क्या ये देश अमेरिका के साथ 'अनुचित व्यापार व्यवहार' करते हैं। अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रियर ने बताया कि सरकार 1974 के व्यापार कानून की धारा 301 के तहत जांच शुरू करेगी। इस जांच के बाद अमेरिका इन देशों से आने वाले सामान पर नया टैरिफ लगा सकता है।
जांच
अमेरिका ने क्यों शुरू की जांच?
ब्लूमबर्ग के अनुसार, ग्रियर ने कहा कि अमेरिका का मानना है कि कई देशों ने उत्पादन क्षमता इतनी बढ़ा ली है कि वह वैश्विक मांग के अनुरूप नहीं है। ग्रियर ने कहा कि ये देश जरूरत से ज्यादा उत्पादन की समस्या को अमेरिका पर डाल रहे हैं और बड़ी मात्रा में सामान यहां भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन जांचों से यह साफ है कि ट्रंप प्रशासन जरूरी आपूर्ति व्यवस्था को फिर से अमेरिका में स्थापित करना चाहता है।
कानून
क्या है धारा 301?
ये जांच व्यापार अधिनियम, 1974 की धारा 301 के तहत की जा रही है। यह कानून अमेरिका को अधिकार देता है कि अगर किसी देश पर अनुचित व्यापार का आरोप साबित होता है, तो उस पर टैरिफ या अन्य जवाबी कदम उठाए जा सकते हैं। इसे अमेरिका के सबसे शक्तिशाली एकतरफा व्यापार प्रवर्तन कानूनों में से एक माना जाता है। यह अमेरिका को विश्व व्यापार संगठन (WTO) की मंजूरी के बिना व्यापार संबंधी उपाय लागू करने की अनुमति देती है।
देश
किन-किन देशों के खिलाफ शुरू हुई है जांच?
भारत और चीन के अलावा, यूरोपीय संघ (EU), जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, ताइवान, वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे भी अमेरिकी प्रशासन द्वारा की जा रही जांच के दायरे में हैं। ग्रीयर ने यह भी कहा कि वे धारा 301 के तहत एक और जांच शुरू करेंगे, जिसका उद्देश्य जबरन मजदूरी से बने सामान के अमेरिकी आयात पर प्रतिबंध लगाना है। इस जांच के दायरे में 60 से ज्यादा देश आएंगे।
बयान
जांच के दौरान किन-किन मुद्दों की पड़ताल की जाएगी?
ग्रियर ने कहा, "ये जांच उन अर्थव्यवस्थाओं पर केंद्रित होंगी, जिनके बारे में हमारे पास सबूत हैं कि वे विनिर्माण क्षेत्रों में संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता और उत्पादन प्रदर्शित करती हैं। हम पड़ताल करेंगे कि क्या इन अर्थव्यवस्थाओं में सरकारी नीतियों जैसे सब्सिडी, कम वेतन, सरकारी स्वामित्व वाले उद्यमों के लिए समर्थन और रियायती ऋण जैसे उपायों ने कंपनियों को वैश्विक मांग से कहीं अधिक वस्तुओं का उत्पादन करने में सक्षम बनाया है, जिससे अमेरिकी उद्योगों को नुकसान पहुंचा है।"
टैरिफ
क्या टैरिफ लगाने का नया कदम है ये जांच?
अमेरिका ने यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कुछ समय पहले ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को गैरकानूनी घोषित कर दिया था। इसके तुरंत बाद ट्रंप ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। यह जांच ट्रंप प्रशासन को इन देशों के खिलाफ टैरिफ लगाने का नया विकल्प उपलब्ध करा सकती है। ग्रियर ने कहा है कि जुलाई तक ये जांच पूरी हो जाएगी।