नेपाल में बाढ़ के बाद सुरंग में फंसे 6 मजदूर, रैट-होल माइनिंग ने जगाई उम्मीद
नेपाल के चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में बचावकर्मी रैट-होल माइनिंग तरीके का इस्तेमाल कर रहे हैं। 26 अगस्त को आई बाढ़ के बाद यहां 6 मजदूर फंस गए थे। इन मजदूरों तक पहुंचने के लिए उसी रैट-होल माइनिंग का सहारा लिया जा रहा है, जिसका इस्तेमाल 2024 के उत्तराखंड रेस्क्यू में मशहूर हुआ था।
बचाव दल ने बंद सुरंग में 125 मीटर तक खुदाई कर ली है। पंप से निकाले गए पानी में तेल के निशान मिले हैं। ये निशान इस बात का संकेत देते हैं कि बचाव दल उस जगह के करीब पहुंच गया है जहां मजदूरों को आखिरी बार देखा गया था।
भारतीय और नेपाली टीमें मिलकर कर रही हैं काम
यह बचाव अभियान एक साझा प्रयास है। इसमें भारतीय सेना और NDRF के विशेषज्ञ शामिल हैं। इनके साथ ही नेपाल सेना के 37 जवान भी मिलकर काम कर रहे हैं।
भारी उपकरणों की मदद से अब तक करीब 100 मीटर मलबा हटाया जा चुका है। सुरंग के अंदर जमा पानी निकालने के लिए मड पंप लगातार काम कर रहे हैं। हालांकि, बचाव दल का अभी तक मजदूरों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। लेकिन सुरंग के अंदर जमा पानी को देखकर उनके जीवित होने की उम्मीद बंधी है। मुश्किल हालात के बावजूद, बचावकर्मी बिना रुके काम कर रहे हैं। यह अभियान दिखाता है कि जान बचाने में टीम वर्क और नई तकनीकों का कितना बड़ा रोल हो सकता है।