
काबुल में अलकायदा प्रमुख की मौत के बाद क्या बोला तालिबान?
क्या है खबर?
अमेरिका ने रविवार को मिसाइल स्ट्राइक कर अलकायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी को ढेर कर दिया है।
हमले के समय अल-जवाहिरी अफगानिस्तान की राजधानी काबुल स्थित अपने घर की बालकनी पर था। उसके घर के अन्य किसी सदस्य को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अफगानिस्तान में सत्ता चला रहे तालिबान ने इसे अपने और अमेरिका के बीच हुए 'दोहा समझौते' का उल्लंघन बताया है।
आइये इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
बयान
तालिबान ने अपने बयान में क्या कहा?
तालिबान के प्रवक्ता जबिउल्लाह मुजाहिद ने पश्तो में जारी बयान में कहा कि अफगानिस्तान कड़े से कड़े शब्दों में इस हमले की निंदा करता है और यह दोहा समझौते और अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों का साफ उल्लंघन है।
अफगानिस्तान के सूचना और संस्कृति के उप मंत्री मुजाहिद ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अफगानिस्तान की धरती पर भविष्य में ऐसे ऑपरेशन से उसे सचेत रहना होगा। ऐसे ऑपरेशन रिश्ते खराब कर सकते हैं।
सवाल
अमेरिका ने उठाए तालिबान पर सवाल
अमेरिका ने जवाहिरी के काबुल में छुपे होने पर सवाल खड़े किए हैं और इसे 2020 में अमेरिका और तालिबान के बीच हुए दोहा समझौते का स्पष्ट उल्लंघन बताया है।
इस समझौते में तालिबान ने कहा था कि वह अफगानिस्तान की जमीन को फिर से आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं होने देगा। इसी के बदले में अमेरिका ने अफगानिस्तान से अपने सैनिक वापस बुलाए थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि तालिबान ने कभी भी अलकायदा से संबंध नहीं तोड़े।
प्रोफाइल
कौन था अल-जवाहिरी?
अयमान अल-जवाहिरी मिस्र से आता था और 2011 में ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद से अलकायदा का नेता था।
उसे अलकायदा के पीछे का वैचारिक दिमाग माना जाता था और वह इस्लामिक उग्रवाद के विचार फैलाने के कारण जेल में भी रहा था।
11 सितंबर, 2011 को अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दो टॉवरों पर जहाजों से हुए हमले की साजिश में वह भी शामिल था।
पेशे से वह आंखों का सर्जन था।
ऑपरेशन
अमेरिका ने कैसे दिया ऑपरेशन का अंजाम?
शनिवार रात 9:48 बजे और अफगानिस्तान के समयानुसार रविवार अंधेरे सुबह बालकनी पर खड़े अयमान अल-जवाहिरी पर दो मिसाइलें दागी गईं। हमले में अन्य किसी को चोट नहीं आई और न ही घर को नुकसान पहुंचा।
अनुमान लगाया जा रहा है कि अमेरिका ने ऑपरेशन में हेलफायर R9X मिसाइलों का इस्तेमाल किया। यह एक नया और सीक्रेट हथियार है। इसमें विस्फोटक नहीं होते, बल्कि छह रेजर जैसे ब्लेड लगे होते हैं जो अपने टारगेट को चीरते हुए निकल जाते हैं।
मंजूरी
25 जुलाई को बाइडन ने दी एयरस्ट्राइक की मंजूरी
25 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने मुद्दे पर आखिरी बैठक बुलाई जिसमें उन्हें सारी सूचनाएं दी गईं। इसके अलावा इस बात पर भी चर्चा की गई कि काबुल में जवाहिरी को मारने पर तालिबान के साथ संबंधों पर क्या असर पड़ेगा।
वहीं वरिष्ठ इंटर-एजेंसी वकीलों ने कानूनी पक्ष की जांच के बाद कहा कि अलकायदा प्रमुख होने के नाते जवाहिरी एक वैध निशाना है।
सारे पहलुओं पर विचर-विमर्श के बाद बाइडन ने एयरस्ट्राइक की मंजूरी दे दी।