ट्रंप ने फिर हमले की धमकी दी, ईरान बोला- समुद्र में बिछी इंटरनेट केबल काट देंगे
क्या है खबर?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर फिर हमले की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि 8 महीने से चल रहे युद्ध और बढ़ते ईंधन की कीमतों के अमेरिकी मध्यावधि चुनावों पर पड़ रहे असर को देखते हुए अमेरिका ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। वहीं, इसके जवाब में ईरान ने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो वो समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा है।
ट्रंप का बयान
ट्रंप बोले- एक और छोटा 'एपिक फ्यूरी' कर सकते हैं
ट्रंप ने फ्लोरिडा में एक रैली में कहा, "हम एक और छोटा 'एपिक फ्यूरी' कर सकते हैं। अगर वे समझदार होते, तो वे सीधे कह देते, 'चलिए काम शुरू करते हैं।' लेकिन मुझे संदेह है कि वे ऐसा करेंगे क्योंकि शायद वे समझदार नहीं हैं।"
अमेरिकी सेना ने फरवरी में ईरान के खिलाफ जो अभियान शुरू किया था, उसे ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' नाम दिया गया था। ट्रंप ने इसी का जिक्र अपनी रैली में किया।
ईरान
रिपोर्ट में दावा- ईरान इंटरनेट केबल काटने की तैयारी में
रॉयटर्स ने 2 ईरानी अधिकारियों के हवाले से कहा कि हमले की स्थिति में ईरान ने समुद्र के नीचे बिछे इंटरनेट केबलों को निशाना बनाने की योजना तैयार की है।
एक अधिकारी ने कहा कि तेहरान केबल की मरम्मत को रोकने की कोशिश करेगा, ताकि इंटरनेट और अन्य संचार सेवाओं में व्यवधान लंबे समय तक बना रहे।
एक अधिकारी ने कहा, "अगर हमला हुआ, तो कोई सीमा रेखा नहीं बचेगी, समुद्र में बिछी केबलों से लेकर गुप्त सैन्य ठिकानों तक।"
देश
कई देशों ने तनाव बढ़ने की आशंका जताई
इस्तांबुल में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, तुर्की, मिस्र, पाकिस्तान, सऊदी अरब और इटली की बैठक हुई।
इसमें कई देशों के विदेश मंत्रियों ने चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ नया अभियान संघर्ष को बढ़ा सकता है, जिसके गंभीर आर्थिक परिणाम हो सकते हैं।
तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा कि नया हमला तनाव बढ़ाएगा और पूरे क्षेत्र में युद्ध का विस्तार करेगा।
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने भी कहा कि इससे किसी को भी फायदा नहीं होगा।
असर
इंटरनेट केबल कटने का क्या होगा असर?
संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ITU के मुताबिक, दुनिया का करीब 99 प्रतिशत इंटरनेट ट्रैफिक समुद्र के नीचे बिछी केबल से गुजरता है। इनमें व्यवधान से इंटरनेट धीमा हो सकता है और बैंकिंग, ऑनलाइन खरीदारी और क्लाउड सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
हालांकि, टेली जियोग्राफी के रिसर्च डायरेक्टर एलन मौल्डिन के मुताबिक, होर्मुज से दुनिया की एक प्रतिशत से भी कम अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट क्षमता गुजरती है। इसलिए यहां केबल कटने से दुनियाभर में इंटरनेट पर सीधा असर नहीं पड़ेगा।