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इजरायली दबाव में अमेरिका ने किया ईरान पर हमला? राष्ट्रपति ट्रंप-विदेश मंत्री रुबियो के अलग-अलग बयान
अमेरिका के ईरान पर हमले की वजह को लेकर ट्रंप और रुबियो ने अलग-अलग दावे किए हैं

इजरायली दबाव में अमेरिका ने किया ईरान पर हमला? राष्ट्रपति ट्रंप-विदेश मंत्री रुबियो के अलग-अलग बयान

लेखन आबिद खान
Mar 04, 2026
11:52 am

क्या है खबर?

अमेरिका-इजरायल का ईरान के खिलाफ युद्ध आज 5वें दिन में प्रवेश कर गया है। युद्ध की शुरुआत और इसके उद्देश्यों को लेकर अमेरिकी सरकार को अपने ही करीबियों के सवालों का सामना करना पड़ रहा है। अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के अलग-अलग दानों ने परेशानियां और बढ़ा दी हैं। ट्रंप ने कहा कि उन्हें भरोसा था कि ईरान पहले हमला करने वाला है। इस दावे को पहले रुबियो ने खारिज किया था।

बयान

युद्ध की शुरुआत को लेकर क्या बोले ट्रंप?

ट्रंप ने कहा, "मैंने अमेरिकी सेना को इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला करने का आदेश इसलिए दिया, क्योंकि मुझे लगा कि ईरान हम पर पहले हमला करने वाला था। संभव है मैंने ही उनका (इजरायल का) हाथ मजबूर किया हो, हम इन पागलों के साथ बातचीत कर रहे थे और मेरी राय थी कि वे पहले हमला करने वाले हैं। अगर हम कुछ नहीं करते, तो वे पहले हमला करते।"

रुबियो का बयान

रुबियो ने क्या कहा था?

इससे पहले रुबयो ने कहा था कि अमेरिका को पहले कार्रवाई इसलिए करनी पड़ी, क्योंकि इजरायल की संभावित सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकता था। उनका कहना था कि अगर हम पहले कदम नहीं उठाते तो हमें ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता। उन्होंने कहा था, "हमें पता था कि इजरायल कार्रवाई करने वाला है। हमें यह भी पता था कि अगर हमने पहले कार्रवाई नहीं की तो हमें ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता।"

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इजरायल

क्या इजरायली दबाव के चलते युद्ध में कूदा अमेरिका?

विश्लेषकों का मानना ​​है कि यह युद्ध अमेरिका के हितों की तुलना में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उद्देश्यों की पूर्ति ज्यादा करता है। स्टिमसन सेंटर की वरिष्ठ फेलो केली ग्रीको ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से स्वीकार की गई बात से पता चलता है कि अमेरिका को इजरायल ने घेर लिया है। काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस (CAIR) ने भी कहा कि अमेरिका ने प्रत्यक्ष खतरे के कारण नहीं, बल्कि इजरायल के दबाव में हमला किया।

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विरोध

ट्रंप के कदम का अमेरिका में ही हो रहा विरोध

ट्रंप को अपने समर्थक वर्ग से ही आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। कंजर्वेटिव पॉडकास्टर मैट वॉल्श ने सोशल मीडिया पर लिखा कि रुबियो के बयान से ऐसा लगता है मानो अमेरिका इजरायल के दबाव में आकर युद्ध में उतरा। पूर्व टीवी एंकर और पॉडकास्टर मेगिन केली ने भी युद्ध में शामिल होने के फैसले पर सवाल उठाए और कहा कि अमेरिकी सरकार का प्राथमिक दायित्व अपने नागरिकों की सुरक्षा है, न कि किसी दूसरे देश की लड़ाई लड़ना।

ईरान

ईरानी विदेश मंत्री बोले- अमेरिका इजरायल की लड़ाई लड़ रहा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि यह साबित हो गया है कि अमेरिका इजरायल की लड़ाई लड़ रहा है और 'ईरानी खतरे' जैसी कोई बात थी ही नहीं। उन्होंने लिखा, 'श्री रुबियो ने वह बात मान ली जो हम सभी जानते थे: अमेरिका ने इजरायल की ओर से अपनी मर्जी से युद्ध छेड़ा है। तथाकथित ईरानी 'खतरा' जैसी कोई बात कभी थी ही नहीं। अमेरिकी और ईरानी दोनों का खून इजरायल समर्थक विचारधारा के कारण बहा है।'

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