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आर्थिक प्रतिबंध के अमेरिकी ऐलान पर भड़का ईरान, कहा- ये देशों के खिलाफ युद्ध की घोषणा
अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंध के ऐलान के बाद ईरान की प्रतिक्रिया सामने आई है

आर्थिक प्रतिबंध के अमेरिकी ऐलान पर भड़का ईरान, कहा- ये देशों के खिलाफ युद्ध की घोषणा

लेखन आबिद खान
Aug 22, 2026
10:09 am

क्या है खबर?

हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ इतिहास के सबसे सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया था। उन्होंने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों को भी चेतावनी दी थी। इस पर अब ईरान की प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान ने कहा कि तेहरान को निशाना बनाने वाले नए अमेरिकी प्रतिबंध केवल ईरान का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि सभी स्वतंत्र राष्ट्रों की संप्रभुता के लिए खतरा हैं।

बयान

ईरान बोला- ये अमेरिकी उपनिवेशवाद की वापसी

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने ट्रंप के ऐलान को 'स्पष्ट, पूर्ण पैमाने पर उपनिवेशवाद' की वापसी बताया।

उन्होंने कहा, "ये उपाय किसी एक देश के खिलाफ आर्थिक युद्ध से कहीं बढ़कर हैं। ये उपाय संयुक्त राष्ट्र के अन्य स्वतंत्र सदस्य देशों पर अपना अधिकार जताने का अमेरिका का प्रयास हैं। अमेरिका अन्य देशों की सरकारों, बैंकों, व्यवसायों और हवाई अड्डों के ईरान के साथ व्यापार करने के तरीके को नियंत्रित करना चाहता है।"

अधिकार

बघई ने कहा- अमेरिका को ऐसे प्रतिबंधों का अधिकार नहीं

बघई ने कहा, "किसी भी सरकार को यह अधिकार नहीं है कि वह विदेशी बैंकों, उद्यमों या हवाई अड्डों को, जो सभी अपनी-अपनी संप्रभुता के अनन्य अधिकार क्षेत्र के तहत काम करते हैं, किसी तीसरे देश के साथ वैध व्यापार करने से रोकने के लिए बाध्य करे। इस तरह के दबाव के आगे झुकने वाले देशों को अपने आर्थिक और राजनीतिक निर्णयों पर नियंत्रण खोने का खतरा है। इस तरह के प्रतिबंधों का अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है।"

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विदेश मंत्री

ईरानी विदेश मंत्री बोले- ये अमेरिका की घिसी-पिटी रणनीति

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ट्रंप के आर्थिक दबाव वाली रणनीति को असफल करार दिया।

उन्होंने कहा, "14 साल पहले 'इतिहास के सबसे कठोर प्रतिबंध' नाकाम रहे। 8 साल पहले 'अधिकतम दबाव' नाकाम रहे। 5 महीने पहले 'बिना शर्त आत्मसमर्पण' नाकाम रहे। आज 'अब तक का सबसे विनाशकारी आर्थिक अभियान' नाकाम होना तय है। हमने यह सब पहले भी देखा है। वही घिसा-पिटा तरीका। बस धमकाने वाले अलग हैं।"

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चेतावनी

ईरानी सशस्त्र बलों के प्रमुख ने दी ईरान को चेतावनी

ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने जमीन, समुद्र, हवा और साइबर स्पेस में तैयार रहते हुए अमेरिका के नए खतरों का जवाब देने की घोषणा की है।

उन्होंने कहा, "तेहरान कई मोर्चों पर एक साथ अमेरिकी कार्रवाई का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।"

वहीं, ट्रंप ने फिर दोहराया है कि ईरान समझौता करने के लिए बेताब है लेकिन ये 'सही समझौता' नहीं है।

होर्मुज

ट्रंप बोले- होर्मुज पर अब हमारा नियंत्रण

ट्रंप ने कहा कि ईरान गंभीर आर्थिक और सैन्य दबाव में है।

ट्रंप ने कहा, "मैं होर्मुज जलडमरूमध्य को इस समय अमेरिकी क्षेत्र मानता हूं। जलमार्ग के आसपास के क्षेत्र पर भी अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण है। वे समझौता करना तो चाहेंगे, लेकिन मेरे विचार से वे सही समझौता करने के लिए तैयार नहीं हैं। उनके पास पैसा नहीं है। नौसेना, वायुसेना नहीं है। वे सैनिकों और पुलिसकर्मियों को वेतन नहीं दे रहे हैं। वहां 350 प्रतिशत मुद्रास्फीति है।"

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