टिक-टाॅक मुकदमा निपटाने के लिए करीब 3,500 करोड़ रुपये देने को तैयार, जानिए क्या है मामला
क्या है खबर?
टिक-टॉक और उसकी मूल कंपनी बाइटडांस ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में न्याय विभाग (DOJ) द्वारा किए गए एक मुकदमे को सुलझाने के लिए 40 करोड़ डॉलर (करीब 3,500 करोड़ रुपये) का भुगतान करने पर सहमति जताई है। इस मुकदमे में लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप पर ऑनलाइन प्राइवेसी कानून का उल्लंघन करते हुए बच्चों का डाटा इकट्ठा करने का आरोप लगाया गया था। इस समझौते के लिए अभी कोर्ट की मंजूरी मिलना जरूरी है।
भुगतान
2 किस्तों में होगा भुगतान
शुरुआत में टिक-टॉक 30 करोड़ डॉलर (करीब 2,600 करोड़ रुपये) का भुगतान करेगी और 10 करोड़ डॉलर (करीब 900 करोड़ रुपये) का अतिरिक्त भुगतान इसकी पूर्ववर्ती कंपनी Musical.ly के खिलाफ पहले से जारी सहमति आदेश को रद्द होने के बाद होगा।
DOJ ने कहा कि यह 'चिल्ड्रंस ऑनलाइन प्राइवेसी प्रोटेक्शन एक्ट' से जुड़े मामलों में हुए सबसे बड़े समझौतों में से एक था।
एसोसिएट अटॉर्नी जनरल स्टेनली वुडवर्ड इस समझौते को बच्चों और माता-पिता के लिए एक बड़ी जीत बताया।
आरोप
न्याय विभाग ने लगाया यह आरोप
2024 में न्याय विभाग ने फेडरल ट्रेड कमीशन की ओर से टिक-टॉक पर मुकदमा किया। आरोप लगाया गया कि कंपनी ने 13 साल से कम उम्र के लाखों बच्चों को उनके माता-पिता की जानकारी या सहमति के बिना अकाउंट बनाने की इजाजत दी।
साथ ही अभिभावकों के लिए उन अकाउंट्स को हटाने की रिक्वेस्ट करना मुश्किल बना दिया।
बता दें कि राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चीनी कंपनी बाइटडांस अपने परिचालन का कुछ हिस्सा अमेरिकी निवेशकों को बेच चुकी है।