इजरायल ने खामेनेई के परिसर पर 30 बम गिराए, CIA ने बताया था ठिकाना- रिपोर्ट
क्या है खबर?
इजरायल और अमेरिका के संयुक्त अभियान में ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई है। बीते दिन इजरायल-अमेरिका ने राजधानी तेहरान स्थिति खामेनेई के कार्यालय के आसपास बमबारी की थी। इसी में खामेनेई की मौत हो गई। उनके साथ इजरायली रक्षा मंत्री अमीर नासेरजादेह समेत करीब 40 वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए। बताया जा रहा है कि अमेरिका-इजरायल महीनों से इस हमले की तैयारी कर रहे थे। इससे जुड़ी अहम जानकारी अब सामने आई है।
CIA
CIA को पता थी खामेनेई की लोकेशन- रिपोर्ट
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हमले से पहले CIA ने खामेनेई की लोकेशन का पता लगाया था। अधिकारियों का कहना है कि अभियान के लिए उच्चस्तरीय खुफिया जानकारी दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की खुफिया एजेंसियां महीनों से खामेनेई पर नजर रख रही थी, ताकि उनकी गतिविधियों और सुरक्षा के बारे में जानकारी हासिल की जा सके। यह जानकारी इजरायल के साथ साझा की गई, जिसके बाद हमला किया गया।
वक्त
सुबह के वक्त क्यों किया गया हमला?
रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले यह हमला रात के समय होना था। हालांकि, खुफिया जानकारी मिली कि खामेनेई सुबह 9:40 बजे एक अहम बैठक करने जा रहे हैं, जिसके बाद हमले का समय बदला गया। इजरायली अधिकारियों ने बताया कि खुफिया बलों को पता चला कि शनिवार को खामेनेई 3 बैठकें करने वाले हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इस मौके को एक 'अद्वितीय' अवसर बताया, जिसके चलते दिन में हमला किया गया।
सऊदी अरब
रिपोर्ट में दावा- सऊदी अरब ने अमेरिका को सैन्य कार्रवाई के लिए मनाया
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह जानकारी दी थी कि ईरान से अमेरिका को प्रत्यक्ष खतरा नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पिछले महीने में कई बार ट्रंप से निजी तौर पर फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बार बार ट्रंप को ईरान पर हमला करने के लिए कहा था।
मौतें
हमले में कौन-कौन वरिष्ठ अधिकारी मारे गए?
ईरान के सरकारी मीडिया ने कई बड़े लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। इनमें खामेनेई के अलावा उनके सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी, ईरान की आर्म्ड फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल अब्दोलरहीम मौसावी, रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह और IRGC कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद पाकपुर शामिल हैं। ईरान के पुलिस इंटेलिजेंस चीफ गोलामरेजा रेजियन के भी मारे जाने की खबर है। इसके अलावा 40 से ज्यादा वरिष्ठ कर्मचारी हताहत हुए हैं।