ब्रिटेन ने किया आव्रजन नीति में बदलावों का ऐलान, अब इन कुशल कामगारों को मिलेगा सीधा प्रवेश
यूनाइटेड किंगडम (UK) ने 2026 के बजट में अपनी आव्रजन नीति में बदलावों का ऐलान किया है। इसका मकसद ज्यादा कुशल कामगारों को देश में लाना और अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। इन बदलावों में 'स्किल्ड वर्कर वीजा' के लिए खास नौकरियों से जुड़े वेतन की न्यूनतम सीमा को 25वें पर्सेंटाइल पर वापस लाना शामिल है। इसके साथ ही सामान्य वेतन की न्यूनतम सीमा को बढ़ाया गया है। हाई पोटेंशियल इंडिविजुअल (HPI) वीजा का दायरा भी बढ़ाया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा बेहतरीन ग्रेजुएट बिना किसी कंपनी के स्पॉन्सरशिप के यूके में काम कर सकें। अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए 2 साल का ग्रेजुएट वीजा भी जारी रखा जाएगा।
UK में वेतन की न्यूनतम सीमा में कटौती और HPI वीजा का विस्तार
कुछ खास नौकरियों के लिए वेतन की न्यूनतम सीमा कम करने से उन इलाकों के नियोक्ताओं (कंपनियों) को आसानी होगी, जहां वेतन का स्तर कम है। ऐसे नियोक्ता अब विदेशों से कामगारों को स्पॉन्सर कर पाएंगे। सरकार की योजना HPI वीजा के रास्ते को और बड़ा करने की है। इससे दुनिया की कुछ चुनिंदा बड़े विश्वविद्यालय से पढ़े हुए योग्य स्नातक बिना किसी स्पॉन्सरशिप के UK में काम कर सकेंगे। इसके अलावा, योग्य अंतरराष्ट्रीय छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद भी UK में रुककर काम कर सकते हैं। इन सभी कदमों का मकसद क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है। साथ ही जब देश को सबसे ज्यादा जरूरत हो, तब कुशल प्रतिभाओं का आना जारी रहे, यह भी सुनिश्चित करना है।