
कनाडा ने भारत में रह रहे अपने नागरिकों को सीमाई इलाकों में न जाने को कहा
क्या है खबर?
कनाडा ने भारत में रह रहे अपने नागरिकों के लिए अजीब एडवायजरी जारी की है।
इसमें कहा गया है कि अप्रत्याशित सुरक्षा स्थिति और लैंडमाइन की मौजूदगी के चलते कनाडाई नागरिक गुजरात, पंजाब और राजस्थान में पाकिस्तानी सीमा से लगे इलाकों में यात्रा करने से बचें।
एडवायजरी में कनाडा की तरफ से अपने नागरिकों को राजस्थान, पंजाब और गुजरात में पाकिस्तानी सीमा से सटे 10 किलोमीटर के क्षेत्र मे जाने से बचने को कहा गया है।
एडवायजरी
27 सितम्बर को अपडेट की गई एडवायजरी
कनाडाई सरकार की वेबसाइट पर मौजूद इस एडवायजरी को 27 सितम्बर को आखिरी बार अपडेट किया गया था। इसमें 'भारत भर में आतंकी हमलों के खतरों' को देखते हुए नागरिकों से बेहद सतर्क रहने की अपील की गई है। साथ ही एडवायजरी में 'आतंकवाद और उग्रवाद के खतरे को देखते हुए' असम और मणिपुर में गैर-जरूरी यात्रा पर न जाने को कहा गया है।
हालांकि, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की यात्रा को लेकर इसमें कुछ नहीं गया है।
जानकारी
भारत ने भी जारी की थी एडवायजरी
भारत सरकार ने बीते सप्ताह कनाडा में रह रहे अपने नागरिकों और छात्रों के लिए एडवायजरी कर उन्हें सावधान और सतर्क रहने को कहा था।
कनाडा में नफरती अपराधों और भारत विरोधी गतिविधियों में वृद्धि के कारण उनसे ये अपील की गई थी।
इसके अलावा उन्हें भारतीय उच्चायोग और वाणिज्य दूतावास के साथ रजिस्ट्रेशन कराने की सलाह भी दी गई है ताकि आपातकालीन स्थिति में उनसे ठीक से संपर्क किया जा सके।
एडवायजरी
कनाडाई प्रशासन के सामने उठाया गया मुद्दा- विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने अपनी एडवायजरी में कहा, "कनाडा में नफरती अपराधों, सांप्रदायिक हिंसा और भारत विरोधी गतिविधियों में तेज इजाफा देखने को मिला है। विदेश मंत्रालय और कनाडा के हमारे उच्चायोग और वाणिज्य दूतावासों ने कनाडाई प्रशासन के सामने इन मुद्दों को उठाया है और उनसे इन अपराधों की जांच करके उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। कनाडा में अभी तक इन अपराधों को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है।"
एडवायजरी
कनाडा जा रहे भारतीयों को भी सावधान और सतर्क रहने की सलाह
एडवाइजरी में आगे कहा गया है, "इन अपराधों में वृद्धि को देखते हुए कनाडा में रह रहे भारतीय नागरिकों और भारतीय छात्रों और यात्रा या शिक्षा के लिए कनाडा जा रहे भारतीयों को उचित सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।"
भारतीय नागरिकों और छात्रों से ओटावा स्थित भारतीय उच्चायोग और टोरंटो और वैंकूवर स्थित वाणिज्य दूतावास की वेबसाइट्स या MADAD पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने को भी कहा गया है ताकि उनसे बेहतर संपर्क किया जा सके।
चिंता
कनाडा में खालिस्तान पर जनमत संग्रह कर चुके हैं खालिस्तानी तत्व
भारत सरकार ने ये एडवायजरी ऐसे समय पर जारी की है जब खालिस्तानी कट्टरपंथियों ने 19 सितंबर को कनाडा में खालिस्तान के लिए जनमत संग्रह किया था।
भारत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी और कहा कि यह कट्टरपंथी और चरणपंथी संगठनों द्वारा किया जा रहा एक हास्यास्पद कार्य है।
भारत के अनुसार, ये बेहद ही आपत्तिजनक है कि खालिस्तान पर जनमत संग्रह भारत के एक मित्र देश में किया गया।