अमेरिका में H-1B वीजा धोखाधड़ी पर अब लगेगा 2.50 लाख डॉलर का जुर्माना और 10 साल का प्रतिबंध
अमेरिका H-1B वीजा में धोखाधड़ी रोकने के लिए बड़ा कदम उठा रहा है। उसने हाल में H-1B वीजा क्रैकडाउन एक्ट नाम का एक नया बिल अमेरिकी संसद के निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में पेश किया है।
अगर यह बिल पास होकर कानून बन जाता है, तो H-1B वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर पहले से कई गुना ज्यादा जुर्माना लगेगा।
यह जुर्माना 35,000 डॉलर से बढ़कर 2.50 लाख डॉलर तक पहुंच जाएगा। साथ ही, ऐसी कंपनियों पर कम से कम 3 साल की बजाय कम से कम 10 साल तक का प्रतिबंध भी लगाया जा सकेगा।
फिलहाल, अमेरिकी सांसद अभी इस बिल की समीक्षा कर रहे हैं।
सांसद वैन ड्युइन का दस्तावेज धोखाधड़ी पर वार
यह बिल सिर्फ वीजा धोखाधड़ी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका मकसद इमिग्रेशन से जुड़े दस्तावेज़ों की धोखाधड़ी को भी रोकना है।
कुछ अपराधों के लिए जुर्माने की रकम 250 से 2,000 डॉलर से बढ़ाकर 1,000 से 10,000 डॉलर के बीच हो जाएगी। वहीं, ज्यादा गंभीर मामलों में यह जुर्माना 50,000 डॉलर तक पहुंच सकती है।
यह प्रस्ताव रिप्रेजेंटेटिव बेथ वैन ड्युइन ने पेश किया है और इसे कुछ और सांसदों का समर्थन भी मिला है।