नेपाली प्रधानमंत्री ने विनाशकारी बाढ़ के बाद हिमालय में भारत-चीन के साथ मिलकर काम करने का सुझाव दिया
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाली प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने संयुक्त राष्ट्र में एक नई योजना पेश की है, जिसमें उन्होंने भारत और चीन से हिमालय में जलवायु परिवर्तन पर नेपाल के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया है। उनका यह विचार ऐसे समय आया है जब नेपाल में हाल ही में अचानक आई भयंकर बाढ़ ने 1,452 से अधिक लोगों की जान ले ली थी।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि यह बताता है कि जलवायु आपदाएं अब हमारे दरवाजे तक आ पहुंचीं हैं।
बालेंद्र शाह ने साझा सैटेलाइट निगरानी का आग्रह किया
शाह चाहते हैं कि तीनों देश (नेपाल, चीन और भारत) खतरनाक ग्लेशियर झीलों की निगरानी के लिए सैटेलाइट डेटा और तकनीकी जानकारी साझा करें।
उन्होंने बेहतर अर्ली-वार्निंग सिस्टम और सीमा पार संयुक्त आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली बनाने पर भी जोर दिया है।
इस साल की बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई में नेपाल को 4.77 अरब डॉलर का खर्च आने का अनुमान है, जो उसकी पूरी अर्थव्यवस्था का लगभग 10 प्रतिशत है। इसलिए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे में मिलकर काम करना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।