क्यूबेक का चौंकाने वाला फैसला: प्राथमिक स्कूलों में धार्मिक परिधानों पर लगा प्रतिबंध, बच्चों की आजादी पर सवाल
क्यूबेक ने अभी-अभी एक नए नियम का ऐलान किया है। इसके तहत, प्राथमिक स्कूलों के बच्चे अब पगड़ी या नकाब जैसे धार्मिक परिधान नहीं पहन पाएंगे। यह फैसला पार्टी क्यूबेकॉइस की हालिया चुनाव जीत के बाद आया है और इसका सबसे ज्यादा असर सिख, मुस्लिम और यहूदी समुदाय के छात्रों पर पड़ने वाला है। नेताओं का कहना है कि यह नियम स्कूल के कायदे-कानूनों का पालन सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है, लेकिन हर कोई इस फैसले से सहमत नहीं दिख रहा है।
प्रतिबंध छात्रों को अकेला कर देगा- आलोचक
यह नया प्रतिबंध सार्वजनिक जगहों पर धार्मिक अभिव्यक्ति को लेकर क्यूबेक के पहले से चले आ रहे कई प्रतिबंधों में एक और बढ़ोतरी है। पहले भी ऐसे कानून रहे हैं, जिन्होंने शिक्षकों के धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाई थी और सरकारी या सरकारी मदद से चलने वाले डे-केयर सेंटरों में धार्मिक रीति-रिवाजों पर भी बड़े प्रतिबंध लगाए थे। कनाडाई सिविल लिबर्टीज एसोसिएशन (CCLA) की क्यूबेक प्रवक्ता और फंडामेंटल फ्रीडम की निदेशक अनाइस बुसियरस मैक्निकोल जैसे आलोचकों को चिंता है कि ये नियम कुछ बच्चों को स्कूल में अलग-थलग महसूस करा सकते हैं। इस फैसले ने धर्म की आजादी और क्यूबेक के विविध समुदाय का हिस्सा होने के मतलब पर नई बहस छेड़ दी है।