
रूस: नाजी चिन्ह पहने हमलावर ने स्कूल में बरसाईं गोलियां, 7 बच्चों समेत 9 की मौत
क्या है खबर?
रूस के इजेव्स्क शहर में आज नाजी चिन्ह पहने एक हमलावर ने स्कूल में घुसकर गोलीबारी की, जिसमें कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और लगभग 20 लोग घायल हुए हैं। मृतकों और घायलों में कुछ स्कूली छात्र भी बताए जा रहे हैं।
स्कूल में हमला करने के बाद हमलावर ने खुद भी आत्महत्या कर ली और पुलिस को उसका शव मिला है।
अभी तक गोलीबारी का मकसद सामने नहीं आया है।
हमला
हमलावर ने सबसे पहले सिक्योरिटी गार्ड्स को मारी गोली
रूस के उदमुर्तिया प्रांत के गवर्नर अलेक्जेंडर ब्रेकलोव ने रूसी न्यूज एजेंसी RIA से बात करते हुए कहा कि अज्ञात बंदूकधारी हमलावर ने इजेव्स्क के स्कूल में घुसकर पहले दो सिक्योरिटी गार्ड्स को गोली मारी और फिर बाकी लोगों पर हमला किया।
जांच समिति के अनुसार, दो सिक्योरिटी गार्ड्स के अलावा सात बच्चे और चार शिक्षक भी हमलावर की गोलीबारी में मारे गए।
हमलावर ने भी मौके पर ही खुद को गोली मार ली।
बयान
हमलावर ने पहनी हुई थी 'नाजी स्वास्तिक' के चिन्ह वाली टी-शर्ट
जांचकर्ताओं ने कहा कि बंदूकधारी ने ऊपर से लेकर नीचे तक काले कपड़े पहने हुए थे और उसकी टी-शर्ट पर एक गोले में स्वास्तिक बना हुआ था, जिसे हिटलर की नाजी विचारधारा का चिन्ह माना जाता है। हमलावर ने चेहरे पर भी नकाब पहना हुआ था और वह एक कक्षा में मृत मिला।
टास न्यूज एजेंसी के अनुसार, हमलावर के पास दो पिस्तौल और बड़ी संख्या में गोला-बारूद मौजूद था।
अन्य घटनाएं
रूस में हालिया समय में हुई हैं स्कूल में गोलीबारी की कई घटनाएं
बता दें कि रूस में जब-तब सार्वजनिक गोलीबारी की घटनाएं देखने को मिलती हैं और हालिया सालों में स्कूल में गोलीबारी की भी कई घटनाएं हुई हैं।
इस साल अप्रैल में ही उल्यानोव्स्क प्रांत में एक बंदूकधारी ने स्कूल में घुसकर दो बच्चों और एक शिक्षक की हत्या कर दी थी और फिर खुद भी आत्महत्या कर ली थी।
पिछले साल मई में भी कजान में एक किशोर बंदूकधारी की गोलीबारी में सात बच्चे और दो वयस्क मारे गए थे।
रूस-यूक्रेन युद्ध
न्यूजबाइट्स प्लस
रूस में गोलीबारी की ये घटना ऐसे समय पर हुई है जब हाल ही में यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध में रूस को बड़ा झटका लगा है और कई इलाके उसके हाथ से निकल गए हैं।
इस झटके के बाद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तीन लाख रिजर्व सैनिकों की यूक्रेन के खिलाफ आंशिक तैनाती की घोषणा की है।
उनकी इस घोषणा के बाद बड़ी संख्या में रूस के नागरिक देश छोड़कर भाग रहे हैं।