अमेरिका ने ईरान को 24 घंटे में होर्मुज खोलने को कहा, ट्रंप बोले- 1,000 मिसाइलें तैयार
क्या है खबर?
अमेरिका ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले रोकने के लिए 24 घंटे का समय दिया है। अमेरिका ने चेतावनी दी कि ऐसा करने में विफल रहने पर गंभीर परिणाम होंगे और अगर कूटनीति विफल होती है, तो आपातकालीन योजनाएं पहले से तैयार हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान उनकी हत्या की कोशिश करता है, तो हजारों मिसाइलें दागे जाने के लिए तैयार हैं।
रिपोर्ट
अमेरिका बोला- अगर ईरान का यही रुख रहा तो अच्छा नहीं होगा
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने और जहाजों पर हमले रोकने के लिए सार्वजनिक रूप से प्रतिबद्ध होने के लिए 24 घंटे का समय दिया है। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है, "संदेश सीधे तौर पर और क्षेत्रीय मध्यस्थों के माध्यम से पहुंचाया गया है।" एक अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर कल तक उनका रुख यही नहीं रहा, तो उनके लिए वह दिन अच्छा नहीं होगा।"
बयान
अमेरिका की मांग- ईरान जहाजों पर गोलीबारी बंद करे
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन चाहता है कि ईरान सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करे कि होर्मुज जलडमरूमध्य जहाजों के लिए खुला रहेगा और जहाजों पर हमले बंद करने का वादा करे। एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया है, "हम चाहते हैं कि वे सार्वजनिक रूप से कहें कि वे जहाजों पर गोलीबारी करना बंद कर देंगे और स्पष्ट रूप से, या कम से कम अप्रत्यक्ष रूप से, यह स्वीकार करें कि उन्होंने गलती की है।"
ट्रंप का बयान
ट्रंप ने कहा- हत्या हुई तो जवाबी कार्रवाई के आदेश दे चुका
ट्रंप ने कहा, "1000 मिसाइलें तैयार हैं और ईरान की ओर लक्षित हैं। अगर ईरानी सरकार अमेरिका के राष्ट्रपति की हत्या करने या हत्या का प्रयास करने की अपनी धमकी पर अमल करती है, तो तुरंत हजारों और मिसाइलें दागी जाएंगी। आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं और अमेरिकी सेना एक वर्ष की अवधि के लिए ईरान के सभी क्षेत्रों को पूरी तरह से नष्ट करने के लिए तैयार, इच्छुक और सक्षम है।"
गलती
रिपोर्ट में दावा- जहाजों पर हमले को ईरान ने गलती माना
CBS की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने निजी तौर पर स्वीकार किया कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमला कर 'गलती की' और बातचीत जारी रखने की अपनी इच्छा व्यक्त की। ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप के सलाहकारों को निजी तौर पर बताया कि ये हमले एक गलती थे और इन्हें कट्टरपंथी गुट के एक 'भटके हुए' समूह ने अंजाम दिया था, जो बातचीत को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहा था।
चेतावनी
ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "प्रतिबद्धताओं के किसी भी उल्लंघन का 'पारस्परिक कार्रवाई' से जवाब दिया जाएगा।" ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बगेर गालिबाफ ने कहा, "युद्ध खत्म करना देशों की प्राथमिकता है, लेकिन यह समझना चाहिए कि ईरान के आत्मसमर्पण से यह टकराव कभी खत्म नहीं होगा। जब भी अमेरिकी समझौते का उल्लंघन करेंगे, हम अपनी रक्षा के लिए तैयार हैं; हम उनके खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे और ईरानी जनता के अधिकारों की रक्षा करेंगे।"