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इंदौर में करोड़पति निकला भिखारी, 3 घर और 3 ऑटो रिक्शा का है मालिक
इंदौर का करोड़पति भिखारी

इंदौर में करोड़पति निकला भिखारी, 3 घर और 3 ऑटो रिक्शा का है मालिक

लेखन सयाली
Jan 19, 2026
08:03 pm

क्या है खबर?

पूरी दुनिया में भीख मांगने को शर्मनाक काम समझा जाता है। हालांकि, इंदौर का एक व्यक्ति भीख मांगकर ही करोड़पति बन गया है। आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि इस भिखारी के पास एक नहीं, बल्कि 3 घर हैं। इसके साथ ही वह 3 ऑटो रिक्शा और एक कार का भी मालिक है। आइए जानते हैं कि उसके पास इतना पैसा कैसे आया और अब प्रशासन उसके खिलाफ क्या कार्रवाई करने में जुटा है।

मामला

व्यापारियों को देता था ब्याज पर पैसा

इस भिखारी का नाम मंगीलाल है, जो इंदौर के सराफा बाजार में पटिए पर बैठता था। वह विकलांग है और सालों से यही करता आया है। नाम के लिए वह भिखारी है, लेकिन उसके पास घर, गाड़ी, नौकर-चाकर सब कुछ हैं। उसकी समपत्ति का पता इस बात से लगाया जा सकता है कि वह बाजार के व्यापारियों को ब्याज पर पैसे भी देता था। हाल ही में बार-बार शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने उसे धर-दबोचा।

पकड़ना

कैसे पकड़ा गया मंगीलाल?

इंदौर प्रशासन शहर को 'भिक्षुक मुक्त' बनाने की जद्दोजहद में लगा हुआ है। इसी बीच मंगीलाल को पकड़ा गया, जिसकी कहानी भी दिलचस्प है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से उसकी शिकायत की और पुलिस उसे पटिए समेत उठा ले गई। जब अधिकारीयों ने उसकी संपत्ति की जांच की तो उन्हें अपनी आखों पर यकीन नहीं हुआ। सामने आया कि केवल मंगीलाल ही नहीं, बल्कि उसका पूरा परिवार शहर भर में भीख मांगता है।

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संपत्ति

मंगीलाल के पास कहां से आता है पैसा?

मंगीलाल के पास भगत सिंह नगर में एक 3 मंजिला मकान है और एक घर शिवनगर में भी है। इसके अलावा वह विकलांगता के तहत मिलने वाले 10 बाई 20 के मकान का भी मालिक है। उसकी आमदनी का एक बड़ा हिस्सा मकानों को किराए पर देने से आता है। उसने अपनी तीनों ऑटो को भी किराये पर चला रखा है, जिससे भी अच्छा-खासा पैसा आ जाता है। मंगीलाल मारुती की सुजुकी डिजायर से चलता है, जिसे ड्राइवर चलाता है।

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कमाई

लाखों में है सालाना की कमाई

मंगीलाल और उसका परिवार मिलकर सालाना 10-15 लाख रुपये कमाते हैं। वह दिन में भीख मांगता था, जिसका अंदाज भी हटकर था। वह कभी लोगों से पैसे मांगता नहीं था, बल्कि लोग उस पर दया करके खुद पैसे दे देते थे। रात होते ही वह भीख से मिला सारा पैसा व्यापारियों को उधार दे देता था। अधिकारियों का अनुमान है कि उसने 4-5 लाख रुपये उधार दिए हैं, जिससे वह ब्याज समेत हर दिन 1,000 से 2,000 रुपये कमाता है।

कार्रवाई

मंगीलाल पर क्या हुई कार्रवाई?

महिला एवं बाल विकास अधिकारी दिनेश मिश्रा ने बताया कि मंगीलाल को अब उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेज दिया गया है।फिलहाल उसके बैंक खातों और संपत्ति की जांच की जा रही है। जांच के तहत उन व्यापारियों से भी सवाल-जवाब किए जाएंगे, जिन्हें मंगीलाल ने पैसे उधार दिए थे। मिश्रा ने कहा कि आगे के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इंदौर प्रशासन शहर को भिखारी मुक्त बनाने के लिए सक्रीय रूप से लगा हुआ है।

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