पेंटिंग और गिनती करने वाली बुद्धिमान जापानी चिंपैंजी ने दुनिया को कहा अलविदा
क्या है खबर?
चिंपैंजी की बुद्धिमत्ता कई मायनों में इंसानों से मिलती-जुलती है। उनमें समस्याओं का समाधान ढूंढने, भावनाओं को समझने और लकड़ी जैसे औजार इस्तेमाल करने की काबिलियत होती है। हालांकि, जापान में एक ऐसी मादा चिंपैंजी रहा करती थी, जो गिनती और पेंटिंग जैसे काम करने में भी माहिर थी। इस बुद्धिमान चिंपैंजी का नाम Ai था, जिसने 49 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। Ai ने चिंपैंजी से जुड़े एक महत्वपूर्ण अध्ययन में अहम योगदान दिया था।
देहांत
कैसे हुई Ai की मृत्यु?
Ai क्योटो विश्वविद्यालय के 'मानव व्यवहार के विकासवादी मूल के केंद्र' में रहा करती थी। केंद्र के शोधकर्ताओं ने बताया कि 9 जनवरी, 2026 को उसने अपनी अंतिम सांस ली थी। Ai की मौत बुढ़ापे और कई अंगों के अचानक काम करना बंद करने से हुई। तबियत बिगड़ने पर सभी कर्मचारी उसे बचाने की उम्मीद में उसके आस-पास बैठे थे। हालांकि, वे उसे बचा नहीं पाए और Ai एक लंबा और प्रभावशाली जीवन जी कर चल बसी।
अध्ययन
1978 से अध्ययन का हिस्सा रही Ai
Ai का जन्म अफ्रीका में हुआ था और 1977 में उसे जापान लाया गया था। उसे लाने का मकसद एक अहम अध्ययन था, जो धारणा, भाषा और स्मृति पर केंद्रित था। इसमें Ai की इतनी अहम भूमिका थी की अध्ययन का नाम भी उसके नाम पर ही रखा गया। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित अध्ययन था, जिसमें Ai ने सक्रिय रूप से भाग लिया था। उसकी भागीदारी ने इंसानी दिमाग के विकास का अध्ययन करने में भी मदद की थी।
बुद्धिमत्ता
दुनिया के सबसे बुद्धिमान चिंपैंजी में से एक थी Ai
Ai को लोग 'जीनियस चिंपैंजी' कहते थे। उसे अंकों का ज्ञान था और वह रंग पहचानने में भी माहिर थी। जब Ai 18 महीने की थी तब शोधकर्ताओं ने उसे कंप्यूटर से जुड़ा एक खास कीबोर्ड दिया था। इसके जरिए वे उसकी याददाश्त और सीखने की क्षमता का अध्ययन करते थे। शोधकर्ता टेट्सुरो मात्सुजावा ने बताया, "5 साल की उम्र में Ai ने 6 तक अंकों के नाम याद कर लिए थे। वह 300 चीजों के नाम बता सकती थी।"
व्यक्तित्व
एक बार पिंजरा खोलकर भाग गई थी Ai
Ai जब अध्ययन में व्यस्त नहीं होती थी तो वह अन्य चिंपैंजी की तरह मस्ती भी करती थी। उसे पेंटिंग का बहुत शौक था और वह कागज लेकर चित्र बनाया करती थी। आप जानकर दंग रह जाएंगे कि एक बार वह चाबी से अपने पिंजरे का ताला खोलकर एक अन्य चिंपैंजी के साथ भाग गई थी। साल 2000 में उसने एक बेटे को जन्म दिया, जिसका नाम अयुमू रखा गया। उसकी याददाश्त भी उसकी मां की तरह तेज है।