
भारत को इतना हराया है कि वे मैच के बाद हमसे मांफी मांगते थे- शाहिद अफरीदी
क्या है खबर?
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने पाकिस्तान के चिर-प्रतिद्वंदी भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है।
अफरीदी का कहना है कि भारत को पाकिस्तान ने इतनी बार हराया है कि मैच के बाद भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तानी टीम से मांफी मांगते थे।
इसके अलावा अफरीदी ने कहा कि वह भारत के खिलाफ खेलना काफी पसंद करते थे और उनके करियर के कई यादगार लम्हें भारत के खिलाफ ही आए हैं।
बयान
भारत को इतना मारा कि मैच के बाद उन्होंने मांफियां मांगी- अफरीदी
यूट्यूब पर Cric Cast शो के दौरान अफरीदी ने कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया और भारत जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ खेलना पसंद करते थे।
उन्होंने आगे कहा, "मैंने भारत को हमेशा पसंद किया है। उन्हें तो ठीक-ठाक मारा है हमने। इतना मारा है उन्हें कि मैच के बाद मांफियां मांगी है उन्होंने।"
अफरीदी ने कहा कि प्रेशर वाले मुकाबलों में जाकर प्रदर्शन करना बड़ी चुनौती होती थी।
कुल मैच
80 और 90 के दशक में भारत पर भारी पड़ा पाकिस्तान
भारत और पाकिस्तान के बीच 132 वनडे खेले गए हैं जिसमें पाकिस्तान को 73 और भारत को 55 में जीत मिली है।
पाकिस्तान ने 80 के दशक में खेले 30 में से 19 में से 19 मैच जीते तो वहीं भारत को केवल नौ जीत नसीब हुई।
90 के दशक में 48 मैचों में पाकिस्तान 28-18 से आगे रहा।
2000 के दशक में भारत 25-23 से आगे रहा और 2010 से 2020 के बीच भारत ने 10-4 की लीड ली।
अफरीदी की मौजूदगी में प्रदर्शन
अफरीदी की मौजूदगी में लगभग बराबर रहा है भारत-पाकिस्तान की जीत-हार का अंतर
21 मई, 1997 को अफरीदी ने भारत के खिलाफ अपना पहला वनडे खेला था और 15 फरवरी, 2015 को उन्होंने भारत के खिलाफ आखिरी वनडे खेला।
अफरीदी के करियर की इस अवधि में भारत और पाकिस्तान के बीच 77 वनडे खेले गए जिसमें भारत ने 35 और पाकिस्तान ने 40 जीत हासिल की।
इन 77 में से 67 वनडे में अफरीदी पाकिस्तानी टीम का हिस्सा रहे थे।
यादगार पारी
चेन्नई टेस्ट की पारी भारत के खिलाफ सबसे यादगार- अफरीदी
अफरीदी ने भारत के खिलाफ 67 वनडे मैचों में 1,524 रन बनाए हैं जिसमें दो शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं।
भारत के खिलाफ आठ टेस्ट में 709 रन बनाने वाले अफरीदी ने भारत के खिलाफ पहले टेस्ट में ही 141 रनों की पारी खेली थी।
उन्होंने कहा, "मेरी सबसे यादगार पारी भारत के खिलाफ 141 जो कि भारत में ही आई रही। वसीम भाई और सिलेक्टर्स के सपोर्ट की वजह से मैं उस दौरे पर जा पाया था।"