
भारत बनाम श्रीलंका: टी-20 सीरीज में टीम और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण
क्या है खबर?
राजकोट में शनिवार रात भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए टी-20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में मेजबान टीम ने 91 रनों से जीत दर्ज की।
निर्णायक मुकाबला जीतने के साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से कब्जे में ले ली।
इस सीरीज में दोनों ही टीमों के कुछ खिलाड़ियों बेहतरीन प्रदर्शन किया तो कुछ ने काफी निराश किया है।
आइए जानते हैं सीरीज में टीम और खिलाड़ियों का ओवरऑल प्रदर्शन कैसा रहा।
#1
डेब्यूटेंट शिवम मावी और राहुल त्रिपाठी ने किया प्रभावित, गिल रहे कमजोर
सीरीज में भारत के लिए शिवम मावी, राहुल त्रिपाठी और शुभमन गिल ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया।
मावी ने पहले मैच में दमदार प्रदर्शन (4/22) कर प्रभावित किया। इस फॉर्मेट में भारत के लिए डेब्यू मैच में चार विकेट लेने वाले तीसरे खिलाड़ी बने।
राहुल ने सीरीज के दो मैचों में 40 रन बनाए और निर्णायक मैच में 35 रनों की शानदार पारी खेली।
गिल ने तीन मैचों में 46 के उच्च स्कोर के साथ 58 रन ही बना पाए।
#2
बतौर ऑलराउंडर और परिपक्व नजर आए अक्षर पटेल
'प्लेयर ऑफ द सीरीज' अवार्ड लेते समय अक्षर पटेल ने कहा था कि उन्हें ज्यादा खुशी तब मिलती है जब वे बल्ले से टीम के लिए योगदान देते हैं।
उन्होंने इस सीरीज में बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन करते हुए इस बात को सही साबित किया।
65 के उच्चतम स्कोर के साथ वे सीरीज में तीसरे सबसे ज्यादा रन (117) बनाने वाले बल्लेबाज रहे।
वे संयुक्त रूप से तीसरे सबसे ज्यादा विकेट (3) लेने वाले गेंदबाज भी रहे।
#3
सूर्यकुमार की आंधी में उड़ी श्रीलंकाई टीम
सूर्यकुमार यादव ने जिस लय के साथ 2022 का समापन (1,164 रन, टी-20 अंतरराष्ट्रीय) किया था, उसी के साथ साल 2023 की शुरुआत की।
सीरीज के निर्णायक मुकाबले में शानदार पारी (112*) खेलकर वह इस फॉर्मेट में साल के पहले शतकवीर बने।
सीरीज के तीन मैचों में उन्होने 85 की औसत और 175.25 की तूफानी स्ट्राइक रेट से 170 रन जमा दिए। जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल रहा।
सीरीज में अन्य कोई बल्लेबाज 130 भी नहीं बना पाया।
#4
दासुन शनाका ने कप्तानी के साथ ही बल्लेबाजी से भी टीम को प्रेरित किया
श्रीलंका क्रिकेट टीम के कप्तान दासुन शनाका ने इस सीरीज में कप्तानी के अलावा अपने बल्ले से किए दमदार प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया।
वह सीरीज में दूसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने तीन मैचों में 62.00 की औसत और 187.87 की स्ट्राइक रेट से कुल 124 रन बनाए।
वह 56* के उच्चतम स्कोर के साथ इस सीरीज में सूर्यकुमार (12) के बाद दूसरे सबसे ज्यादा छक्के (11) जमाने वाले बल्लेबाज भी रहे।
#5
ईशान किशन की टी-20 अंतरराष्ट्रीय फॉर्म चिंता का विषय
सलामी बल्लेबाज ईशान किशन की टी-20 अंतरराष्ट्रीय फॉर्मे टीम के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है।
इस सीरीज में के तीन मैचों में उन्होंने क्रमशः 1, 2 और 37 रन बनाए। 13.33 की मामूली बल्लेबाजी औसत के साथ उन्होंने कुल 40 रन ही बनाए।
यह केवल इस सीरीज की बात नहीं है, पिछली 11 टी-20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में वे 16.00 की बेहद खराब औसत के साथ केवल 176 रन ही बना पाए हैं।
#6
लय से भटकते दिखाई दिए भारतीय गेंदबाज
तीसरे मुकाबले को छोड़ दिया जाए तो सीरीज में भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव दिखा।
उमरान मलिक ने सीरीज में सबसे ज्यादा सात विकेट तो लिए, लेकिन 9.63 की इकॉनमी से रन भी लुटाए।
मावी पहले मैच में कमाल दिखाने के बाद दूसरे और तीसरे मैच में खाली हाथ रहे।
अर्शदीप सिंह एक ही ओवर में तीन नो-बॉल फेंककर फिर से आलोचकों के निशाने पर आ गए। हर्षल ने एक ही मैच में 41 रन लुटा दिए।
#7
कुछ खिलाड़ियों पर निर्भर दिखी श्रीलंकाई टीम
श्रीलंका टीम की सबसे बड़ी समस्या ये है कि वह कुछ स्टार खिलाड़ियों पर निर्भर है।
अगर वो चलते हैं तो टीम अच्छा करती है और अगर फ्लॉप रहते हैं तो टीम धराशाई हो जाती है।
शनाका, कुशल मेंडिस (तीन मैच, 103 रन), चरिथ असलांका (तीन मैच, 68 रन) और वनिंदु हसरंगा (तीन मैच, 30 रन और 3 विकेट) वही खिलाड़ी हैं जिन पर टीम जरूरत से ज्यादा निर्भर है और यही उसके लिए घातक सिद्ध हो रहा है।