
टोक्यो ओलंपिक: सेमीफाइनल में हारे बजरंग पुनिया, टूटा स्वर्ण या रजत जीतने का सपना
क्या है खबर?
टोक्यो ओलंपिक 2020 के 65 किलोग्राम भारवर्ग फ्रीस्टाइल कुश्ती में भारत को बड़ा झटका लगा है। स्टार पहलवान बजरंग पुनिया को सेमीफाइनल में अजरबैजान के हाजी अलिएव ने 12-5 के भारी अंतर से हरा दिया है। इस हार के साथ ही बजरंग का ओलंपिक स्वर्ण या रजत पदक जीतने का सपना भी टूट गया है।
बजरंग अब भी ओलंपिक पदक के साथ भारत वापस जा सकते हैं क्योंकि उन्हें कांस्य पदक के लिए एक और मुकाबला मिलने वाला है।
पहला हाफ
पहले हाफ का हाजी ने किया शानदार अंत
मुकाबले की शुरुआत काफी शांत तरीके से हुई और हाजी को इसका नुकसान भी उठाना पड़ा। पहले दो मिनट में केवल रक्षात्मक खेल दिखाने के कारण हाजी को नुकसान हुआ और बजरंग को एक अंक प्रदान किया गया।
हालांकि, अंतिम एक मिनट में हाजी ने दमदार खेल दिखाया और लगातार दो-दो करके कुल चार अंक बटोर लिए। 4-1 की बढ़त के साथ केवल एक मिनट में ही हाजी ने पहला हाफ पूरी तरह से अपने नाम कर लिया था।
दूसरा हाफ
दूसरे हाफ में भी जारी रहा हाजी का आक्रामक खेल
पहले हाफ में 4-1 की बढ़त हासिल करने के बाद हाजी ने दूसरे हाफ में और भी आक्रामक खेल दिखाया। दूसरे हाफ की शुरुआत में ही उन्होंने लगातार दो बार दो-दो अंक हासिल करके अपनी बढ़त 8-1 कर ली थी।
बजरंग ने भी दो-दो अंक हासिल करके स्कोर 8-5 किया, लेकिन फिर हाजी ने लगातार चार अंक हासिल करके मैच को 12-5 से अपने नाम कर लिया था।
सेमीफाइनल
ऐसा रहा सेमीफाइनल तक बजरंग का सफर
बजरंग ने टोक्यो ओलंपिक के अपने पहले मुकाबले में किर्गिस्तान के एर्नाजर आक्मतालिएव को 3-3 से हराया था। स्कोर बराबर होने पर उन्हें एक ही बार में दो अंक हासिल करने के कारण जीत मिली थी।
इसके बाद उन्होंने क्वार्टर फाइनल में इरान के मोर्तजा घासी के खिलाफ पिन फॉल से जीत हासिल की थी। सेमीफाइनल मुकाबले में उनसे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वह 5-12 के बड़े अंतर से हार गए।
टोक्यो ओलंपिक
बिना पदक के समाप्त हुआ है पांच भारतीय पहलवानों का सफर
भारत ने इस बार सात पहलवानों की फौज ओलंपिक में भेजी थी। चार महिलाओं को भेजकर भारत ने एक ओलंपिक में सबसे बड़ी महिलाओं की टीम भेजी थी। हालांकि, अब तक भारत को निराशा ही हाथ लगी है। रवि दहिया के रजत पदक को छोड़ दें तो पांच पहलवानों का सफर बिना किसी पदक के समाप्त हुआ है।
खास तौर से चार महिलाओं में कोई पहलवान पदक के करीब भी नहीं पहुंच सकी।