एक्स ने उठाया बड़ा कदम, ग्रोक AI अब असल लोगों की तस्वीरों में नहीं बदलेगा कपड़े
क्या है खबर?
एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने ग्रोक AI से तस्वीर बनाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब यूजर्स इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट की मदद से असली लोगों की तस्वीरों को खुले कपड़ों या बिना सहमति के एडिट नहीं कर पाएंगे। कंपनी ने कहा है कि यह फैसला लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया है, जिनमें बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक और संवेदनशील इमेज बनाने के आरोप सामने आए थे।
नियम
सभी यूजर्स पर लागू होंगे नए सेफगार्ड
एक्स के मुताबिक, नए सुरक्षा नियम सभी यूजर्स पर लागू होंगे, चाहे वे ग्रोक की पेड सर्विस लेते हों या नहीं। ग्रोक के इमेज बनाने वाले फीचर्स को सब्सक्रिप्शन पेवॉल के पीछे ले जाया जा रहा है, जिससे कंट्रोल और निगरानी बढ़ेगी। इसका मतलब है कि अब फ्री यूजर्स इमेज जेनरेट नहीं कर पाएंगे। इसके साथ ही, जिन देशों में ऐसा कंटेंट गैरकानूनी है, वहां इसे पूरी तरह जियोब्लॉक किया जाएगा।
बयान
जांच के बीच आया कंपनी का बयान
कंपनी का यह कदम कैलिफोर्निया में xAI और ग्रोक के खिलाफ शुरू हुई जांच के बाद सामने आया है, जिससे दबाव और बढ़ गया है। जांच में दावा किया गया कि कुछ ही दिनों में बनाई गई हजारों तस्वीरों में बड़ी संख्या में लोगों को कम कपड़ों में दिखाया गया था। इनमें से कुछ इमेज में नाबालिग दिखने की आशंका भी जताई गई। इसी वजह से रेगुलेटर्स ने ग्रोक की भूमिका और कंटेंट कंट्रोल पर गंभीर सवाल उठाए।
सख्ती
वैश्विक स्तर पर बढ़ती सख्ती
एक्स ने साफ किया है कि बच्चों के शोषण से जुड़े मामलों में उसकी नीति जीरो टॉलरेंस की है। मस्क ने कहा कि नियम स्थानीय कानूनों के हिसाब से अलग हो सकते हैं और हर देश की व्यवस्था अलग है। इसी बीच, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देशों ने ग्रोक को पहले ही ब्लॉक कर दिया है। यूनाइटेड किंगडम (UK) में भी रेगुलेटर इसकी जांच कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर इसी तरह की कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।