अमेरिका-ईरान संघर्ष के चलते भारत में बढ़ सकता है हवाई किराया, जानिए क्या है वजह
क्या है खबर?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता युद्ध का असर जल्द ही भारत में हवाई यात्रा के टिकटों की कीमत पर पड़ सकता है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने से विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) महंगा हो सकता है। अगर, कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो भारतीय एयरलाइंस को अधिक लागत का कुछ हिस्सा यात्रियों पर डालना पड़ सकता है। इससे व्यस्त सीजन से पहले अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों किरायों में वृद्धि हो सकती है।
वृद्धि
कितना बढ़ सकता है किराया?
ट्रैवल प्लेटफॉर्म वंडरऑन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) गोविंद गौर ने मनीकंट्रोल को बताया कि अगर, स्थिति बनी रहती है और ईंधन की लागत बढ़ती रहती है तो घरेलू हवाई किराए में लगभग 10-15 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा, "हवाई क्षेत्र बंद होने और उड़ानों के रद्द होने के कारण फिलहाल अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर किराए में भारी वृद्धि देखी जा रही है। हालांकि, घरेलू मार्गों पर भी हवाई किराए में वृद्धि के शुरुआती संकेत मिल रहे हैं।"
कच्चा तेल
कच्चे तेल की कीमत में हुआ इजाफा
अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमले शुरू होने के बाद से ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगभग 72.48 डॉलर (करीब 6,520 रुपये)/बैरल से बढ़कर लगभग 80 डॉलर (करीब 7,200 रुपये) हो गई है। विमानन उद्योग महासंघ (FED) की विमानन कार्गो अध्यक्ष डॉ. वंदना सिंह के अनुसार, ATF एयरलाइंस के परिचालन खर्चों का लगभग 30-40 प्रतिशत हिस्सा होता है और यह हवाई किराए का लगभग 45 प्रतिशत तक हो सकता है। इस कारण यह क्षेत्र तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव से प्रभावित होता है।