वोकहार्ट की नई एंटीबायोटिक को भारत और अमेरिका में मिली मंजूरी
मुंबई की दवा कंपनी वोकहार्ट की नई एंटीबायोटिक कॉम्बिनेशन दवा 'जनीच' (जायनिच) को भारत और अमेरिका दोनों में मंजूरी मिल गई है।
यह दवा उन संक्रमण का मुकाबला करती है, जो ड्रग-रेसिस्टेंट बैक्टीरिया के कारण होते हैं। यह समस्या दुनियाभर में लगातार बढ़ रही है।
जायनिच ने मर्पेनेम से किया बेहतर प्रदर्शन
दुनियाभर में हुए 530 मरीजों पर किए गए तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में जटिल यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन के इलाज में जायनिच ने मर्पेनेम से बेहतर नतीजे दिए।
मर्पेनेम एक ऐसी एंटीबायोटिक है, जिसे आमतौर पर गंभीर संक्रमण के लिए ही सुरक्षित रखा जाता है। वोकहार्ट को इस बात का गर्व है कि जायनिच अपनी तरह की पहली ऐसी दवा है, जिसे पूरी तरह भारत में विकसित किया गया है और उसे अमेरिकी मंजूरी भी मिल गई है।
IIT बॉम्बे के बनाए सिंथेटिक DNA एप्टामर्स
दूसरी ओर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के वैज्ञानिकों ने सिंथेटिक DNA एप्टामर्स तैयार किए हैं, जो मौजूदा एंटीबायोटिक दवाओं को ड्रग-रेसिस्टेंट बैक्टीरिया के खिलाफ ज्यादा प्रभावी बनाते हैं।
जानवरों पर अभी और अध्ययन के साथ सुरक्षा जांचों की भी जरूरत होगी, उसके बाद ही इस तरीके को इंसानों पर आजमाया जा सकेगा।
यह प्रगति बहुत अहम है क्योंकि विशेषज्ञों की चेतावनी है कि अगर, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) की समस्या बढ़ती रही तो 2025 से 2050 के बीच पूरी दुनिया में करीब 3.9 करोड़ लोगों की जान जा सकती है।