अब युद्ध के मैदान में उतरेंगे जेनेटिकली मॉडिफाइड कुत्ते, अमेरिकी कंपनी कर रही तैयारी
क्या है खबर?
अमेरिका की कंपनी वॉरहाउंड ऐसे कुत्ते तैयार करने की योजना बना रही है, जिनका इस्तेमाल सेना, पुलिस और आपातकालीन बचाव कार्यों में किया जा सकेगा। कंपनी इसके लिए कुत्तों के जीन में बदलाव करने की तकनीक पर काम कर रही है। इस स्टार्टअप को डिफेंस कंपनी एंडुरिल के सह-संस्थापक पामर लकी और बायोटेक कंपनी कोलोसल बायोसाइंसेज के सह-संस्थापक ने शुरू किया है। कंपनी ने इस परियोजना के लिए 20 करोड़ डॉलर (लगभग 1,900 करोड़ रुपये) की फंडिंग जुटाई है।
खासियत
क्या होगी इसकी खासियत?
वॉरहाउंड का कहना है कि वह ऐसे स्वस्थ कुत्ते तैयार करना चाहती है, जो कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर काम कर सकें।
कंपनी की योजना कुत्तों में कूल्हों से जुड़ी बीमारी और दूसरी आनुवंशिक समस्याओं को कम करने से शुरुआत करने की है। आगे चलकर उनकी सूंघने की क्षमता बढ़ाने के लिए भी जीन में बदलाव किया जा सकता है।
इन कुत्तों का इस्तेमाल बम का पता लगाने, तलाशी अभियान चलाने और बचाव कार्यों में किया जा सकता है।
मदद
सेना को विदेशी कुत्तों पर निर्भरता घटाने में मिलेगी मदद
अमेरिकी सेना के लिए इस्तेमाल होने वाले 80 प्रतिशत से ज्यादा कामकाजी कुत्ते यूरोप से आते हैं।
इन कुत्तों को चुनने और प्रशिक्षण देने में करीब 3 साल लग सकते हैं। कुछ कुत्ते स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण प्रशिक्षण पूरा नहीं कर पाते। वॉरहाउंड बेहतर स्वास्थ्य वाले कुत्ते तैयार करके इस परेशानी को कम करना चाहती है।
कंपनी उनके लिए सुरक्षा कपड़े, आंखों और कानों की सुरक्षा तथा ऐसे उपकरण भी उपलब्ध कराएगी, जो संचालकों को जरूरी जानकारी देंगे।
उपलब्धता
वर्ष 2027 में आ सकते हैं पहले बच्चे
वॉरहाउंड को उम्मीद है कि उसके पहले बच्चे 2027 की शुरुआत में पैदा हो सकते हैं और 2 साल के भीतर सेवा के लिए तैयार हो सकते हैं।
कंपनी की योजना सेना, पुलिस और बचाव दलों को ये कुत्ते उपलब्ध कराने की है। हालांकि, इनकी कीमत अभी तय नहीं हुई है।
कंपनी पशु कल्याण से जुड़े दिशा-निर्देशों के तहत काम करेगी और सेवा से हटने वाले कुत्तों को गोद लेने या उनके पुराने संचालकों से मिलाने में मदद करेगी।