ग्रोक AI को लेकर ब्रिटेन में एक्स के खिलाफ शुरू हुई जांच
क्या है खबर?
एलन मस्क का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट ग्रोक AI के कारण दुनियाभर में सवालों के घेरे में है। अब ब्रिटेन में इस मामले पर सख्ती दिखाई गई है। ब्रिटिश मीडिया रेगुलेटर ऑफकॉम ने एक्स प्लेटफॉर्म की जांच शुरू कर दी है। जांच का मकसद यह जानना है कि क्या ग्रोक से बनी आपत्तिजनक और यौन प्रकृति की डीपफेक तस्वीरें यूनाइटेड किंगडम (UK) के कानूनों का उल्लंघन करती हैं या नहीं।
चिंता
गैर कानूनी कंटेंट को लेकर गंभीर चिंता
ऑफकॉम ने कहा है कि उसे बेहद चिंताजनक रिपोर्ट मिली हैं, जिनमें दावा किया गया है कि ग्रोक AI का इस्तेमाल बिना सहमति के लोगों की अश्लील तस्वीरें बनाने और शेयर करने में किया गया। रेगुलेटर ने यह भी बताया कि कुछ मामलों में बच्चों से जुड़ी यौन प्रकृति की तस्वीरें सामने आई हैं। ब्रिटिश कानून के तहत बिना सहमति के इंटिमेट इमेज या बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट बनाना और फैलाना गंभीर अपराध माना जाता है।
दबाव
प्रधानमंत्री की टिप्पणी से बढ़ा दबाव
इस मामले में UK के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की टिप्पणी के बाद दबाव और बढ़ गया है। उन्होंने ग्रोक से बनी तस्वीरों को शर्मनाक और गैर कानूनी बताया है। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि एक्स को अपने AI सिस्टम पर नियंत्रण करना होगा। उन्होंने ऑफकॉम को भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर सरकार पूरी तरह रेगुलेटर के साथ खड़ी रहेगी और सख्त कार्रवाई का समर्थन करेगी।
कार्रवाई
दूसरे देशों में भी ग्रोक पर कार्रवाई
ग्रोक AI को लेकर दूसरे देशों में भी जांच और कार्रवाई हो रही है। फ्रांस और भारत में अधिकारियों ने एक्स से जवाब मांगा है। वहीं इंडोनेशिया और मलेशिया ने ग्रोक का एक्सेस अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया है। एक्स ने दावा किया है कि उसने इमेज जनरेशन फीचर को सीमित किया है और गैर कानूनी कंटेंट पर सख्त कार्रवाई करेगा। ऑफकॉम ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने पर प्लेटफॉर्म ब्लॉक भी हो सकता है।