स्पेस-X ने लॉन्च किया दुनिया का पहला न्यूक्लियर सैटेलाइट बोहर
स्पेस-X के ट्रांसपोर्टर-17 मिशन ने 8 जुलाई को 81 सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजा, लेकिन इस मिशन का मुख्य आकर्षण बोहर था, जो दुनिया का पहला कमर्शियल न्यूक्लियर-पावर्ड सैटेलाइट है। इसे सिटी लैब्स ने बनाया है।
बोहर में नैनोट्रिटियम नाम का एक खास सिस्टम लगा है, जो ट्रिटियम (हाइड्रोजन का एक रेडियोधर्मी रूप) से लगातार बिजली बनाता है।
हालांकि, नैनोट्रिटियम सिस्टम अभी केवल एक पेलोड (उपकरण) के प्रदर्शन को ही ऊर्जा दे रहा है। सैटेलाइट अभी भी अपने बाकी कामों के लिए सोलर पावर पर ही निर्भर है।
FAA से मिली न्यूक्लियर लॉन्च की अनुमति
बोहर को खासकर अंतरिक्ष में सोलर पैनल्स और बैटरियों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए तैयार किया गया है। यह उन इलाकों में बहुत काम आएगा, जहां सूरज की रोशनी नहीं पहुंच पाती।
यह अपनी तरह का पहला सैटेलाइट है, जिसे फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) से न्यूक्लियर लॉन्च की मंजूरी मिली है। इससे भविष्य में ऐसे और न्यूक्लियर-पावर्ड मिशनों के लिए रास्ते खुल गए हैं।
सिटी लैब्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीटर कैबॉई का कहना है कि यह तकनीक उन अंतरिक्ष यानों और चांद पर बेस को ऊर्जा देने में बेहद काम आएगी, जहां सिर्फ सोलर पावर से काम नहीं चल सकता।