कंपनियां तेज कोड नहीं, चाहती हैं बिजनेस के दमदार नतीजे- रिपेार्ट
सोनेट सॉफ्टवेयर की एक नई रिपोर्ट बताती है कि कंपनियां अब सिर्फ तेज कोड बनाने पर ही जोर नहीं दे रही हैं। अब वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके असल में बिजनेस के बेहतर नतीजे पाना चाहती हैं।
इस रिपोर्ट का मुख्य संदेश यह है कि सिर्फ तेज कोडिंग से सफलता की पक्की गारंटी नहीं मिलती, बल्कि स्मार्ट वर्कफ्लो, मजबूत गवर्नेंस और इंडस्ट्री की गहरी समझ जैसी बातें AI तकनीक को असल दुनिया में कामयाब बनाने के लिए ज्यादा जरूरी हैं।
कॉन्टेक्स्ट-टू-कोड प्लेटफॉर्म की तरफ बदलाव
सोनेट का मानना है कि कंपनियां अब सिर्फ बुनियादी 'प्रॉम्प्ट-टू-कोड' टूल्स से आगे बढ़कर ज्यादा समझदार 'कॉन्टेक्स्ट-टू-कोड' प्लेटफॉर्म अपनाएंगी।
ये प्लेटफॉर्म कंपनी के आंतरिक ज्ञान, जैसे उसके नियम और काम करने के बेस्ट प्रैक्टिसेस का इस्तेमाल करके और भी बेहतर सॉफ्टवेयर बना सकते हैं।
सोनेट सॉफ्टवेयर की उपाध्यक्ष सुंदरलता ए बताती हैं कि अब सवाल सिर्फ ये नहीं है कि डेवलपर्स कितनी तेजी से काम करते हैं, बल्कि ये है कि पूरी कंपनियां कितनी तेजी से अपने ग्राहकों को वैल्यू दे पाती हैं।
रिपोर्ट इस बात की भी चेतावनी देती है कि अगर, कंपनियां अपने सिस्टम को आपस में ठीक से नहीं जोड़ पाती हैं तो कितना भी आधुनिक AI उनकी मदद नहीं कर पाएगा।
इसलिए सलाह दी गई है कि कंपनियां अपने AI को बिजनेस की असल जरूरतों के हिसाब से तैयार करें। उन्हें सिर्फ कोडिंग की रफ्तार पर ध्यान देने के बजाय उन महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर फोकस करना चाहिए, जो असल में मायने रखते हैं, जैसे कि नए आइडियाज को जल्द से जल्द लागू करना और सभी नियमों का सही से पालन करना।