शबाना आजमी की तबीयत बिगड़ी, स्वाइन फ्लू के बाद आइसोलेशन में भेजी गईं अभिनेत्री
क्या है खबर?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ 3 दिन बिताने के बाद दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी शुक्रवार यानी 24 जुलाई को मुंबई के शिवाजी पार्क में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने वाली थीं। हालांकि, स्वाइन फ्लू की चपेट में आने के कारण वो इसमें हिस्सा नहीं ले सकीं। डॉक्टरों ने उन्हें अब पूरी तरह से आराम करने और आइसोलेशन की सलाह दी है, जिसके चलते उन्हें न चाहते हुए भी इस विरोध प्रदर्शन से दूर रहना पड़ा।
बयान
डॉक्टरों ने दी 5 दिन आराम की सलाह
शबाना को डॉक्टरों ने पूरी तरह से आराम की सलाह दी है।
जारी छात्र विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने की तैयारी कर रहीं अभिनेत्री को बीमार पड़ने के कारण अपनी योजनाओं को रोकना पड़ा है।
उनकी टीम द्वारा जारी बयान के अनुसार, "शबाना जी को आज विरोध प्रदर्शन में शामिल होना था, लेकिन स्वाइन फ्लू होने और 102 डिग्री तेज बुखार के कारण डॉक्टर ने उन्हें आराम की सलाह दी है। फिलहाल वो 5 दिनों के लिए आइसोलेशन में हैं।"
मौजूदगी
छात्र आंदोलन के समर्थन में जंतर-मंतर पर डटी थीं शबाना
पिछले कुछ दिनों से शबाना दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ एकजुटता से खड़ी होकर इस आंदोलन की अगुवाई कर रही थीं।
दिग्गज अभिनेत्री ने न केवल जमीनी स्तर पर इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया, बल्कि अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए आंदोलन से जुड़ी हर बड़ी जानकारी और अपडेट्स भी लगातार अपने फाॅलोअर्स के साथ साझा किए।
शबाना 20 जुलाई को दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के 'चलो संसद' प्रदर्शन में भी शामिल हुई थीं।
तबीयत
जंतर-मंतर पर आंसू गैस से शबाना को आया था अस्थमा अटैक
इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में 75 वर्षीय शबाना ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान आंसू गैस के कारण उन्हें अस्थमा का अटैक आ गया था।
जंतर-मंतर पर चक्कर आने पर उन्होंने कहा, "मुझे अस्थमा है, लेकिन पास में पंप होने से स्थिति संभल गई। मुझे पास की इमारत में ले जाया गया। सांस सामान्य होते ही मैं तुरंत वापस लौटी और लाठीचार्ज के शिकार छात्रों से बात की। उनका हौसला अभूतपूर्व है, मैं उन सभी को सलाम करती हूं।"
NEET आंदोलन
जंतर-मंतर से देशभर में फैला NEET आंदोलन
NEET पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व में जारी प्रदर्शन अब राष्ट्रव्यापी आंदोलन बन चुका है।
छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। छात्रों के समर्थन में 20 से अधिक दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने बीते शुक्रवार को अपना उपवास समाप्त कर दिया।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर आरोपियों की गिरफ्तारी और फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा की है।